Ad Image
Ad Image
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया || PM के आवास के बाहर पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर धरने पर राहुल गांधी || PM मोदी के आवास के बाहर धरने पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज || अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

छात्रों के साथ राहुल, पीएम से मांगी कार्रवाई

नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी।

शिक्षा मंत्री को सरकार से बाहर भेजने की मांग दोहराई

विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल उन छात्रों से मिले, जो 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। छात्रों के साथ खड़े होकर उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया और कहा कि सिर्फ वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा, ठोस कार्रवाई चाहिए।

राहुल गांधी ने प्रधान को शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और विनाश का प्रतीक बताया। उन्होंने साफ कहा कि मंत्री को किसी और विभाग में शिफ्ट करना मंजूर नहीं होगा। छात्रों की मांग है कि उन्हें सरकार से पूरी तरह बाहर भेजा जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देर रात के वीडियो संदेशों का जिक्र करते हुए कहा, “पीएम रात में वीडियो बना रहे हैं और सुझावों के लिए आभार जता रहे हैं। लेकिन छात्र आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहते हैं। पीएम को धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करना चाहिए।”  

छात्रों पर हमले का मुद्दा उठाया

मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने एक छात्र के पैर में लगी चोट की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो लोग छात्रों पर हमला करते हैं, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने छर्रे और लाठियों के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पूरी व्यवस्था के मुखिया के रूप में प्रधानमंत्री को दिल्ली में घायल छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।  

राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि ये मांगें छात्रों की हैं और गैर-परक्राम्य हैं। उन्होंने कहा, “ये छात्रों की मांगें हैं और इनमें कोई समझौता नहीं। मैं सिर्फ उन्हें दोहरा रहा हूं।” उन्होंने प्रधानमंत्री को भारत का अतीत और छात्रों को भविष्य बताते हुए कहा कि अतीत भविष्य से नहीं लड़ सकता।  

एआईएसए की नेहा बोरा से चर्चा

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) की नेहा बोरा, जो जंतर मंतर पर 23 दिन की भूख हड़ताल में शामिल रहीं, ने बताया कि राहुल गांधी के साथ शिक्षा व्यवस्था पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।  

यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब सीजेपी के प्रदर्शन में परीक्षा लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। छात्रों ने स्पष्ट किया कि प्रधान को सिर्फ पद से हटाना पर्याप्त नहीं, उन्हें सरकार से बाहर किया जाए। राहुल गांधी ने इन मांगों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की।  

मांगों का सार  

छात्रों की प्रमुख मांगें थीं—धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, घायल छात्रों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई, और प्रधानमंत्री द्वारा माफी। राहुल गांधी ने इन पर जोर देते हुए कहा कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के वीडियो संदेशों को पर्याप्त नहीं बताया और ठोस कदम की जरूरत पर बल दिया।  

जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्र कई दिनों से भूख हड़ताल पर थे। इस मुलाकात में राहुल गांधी ने छात्रों के साथ खड़े होकर सरकार को सीधा संदेश दिया कि युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जो छात्र शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उनकी मांगें जायज हैं।  

प्रदर्शन का संदर्भ  

सीजेपी के इस आंदोलन में परीक्षा लीक और शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही को लेकर छात्रों ने लंबे समय तक विरोध जताया। जंतर मंतर पर 23 दिन की भूख हड़ताल के बाद राहुल गांधी की यह मुलाकात राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उन्होंने छात्रों के साथ खड़े होकर अपनी बात रखी और केंद्र से तुरंत कार्रवाई की अपील की।  

राहुल गांधी ने बार-बार दोहराया कि छात्रों की मांगें गैर-परक्राम्य हैं। उन्होंने प्रधान को शिक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उन्हें सरकार से बाहर भेजना ही एकमात्र समाधान है। छात्रों ने भी इस मुलाकात को सकारात्मक बताया और अपनी मांगों पर अडिग रहने का संकेत दिया।  

यह घटनाक्रम दिल्ली में शिक्षा और युवा मुद्दों पर चल रहे विवाद का हिस्सा है। राहुल गांधी ने छात्रों के साथ खड़े होकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की और कहा कि युवाओं का भविष्य अतीत से ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रधानमंत्री से माफी और कार्रवाई दोनों की मांग की।