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जल संरक्षण नहीं तो भविष्य संकट में: राम कृपाल यादव

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

-मंगलवार को मीठापुर स्थित कृषि भवन में मनाया गया जल-जीवन-हरियाली दिवस
-कृषि विभाग की स्प्रिंकल सिंचाई, जैविक खेती, जलवायु अनुकूल खेती और चेक डैम निर्माण जैसी योजनाओं से संरक्षित हो रहा जल-जीवन-हरियाली

पटना, जल संरक्षण को लेकर अगर आज काम नहीं किया गया तो आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिलेंगे। तालाब, पोखर, कुएं धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं। किसानों की निर्भरता वर्षा जल पर होती है, जलवायु परिवर्तन से प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं। भूमिगत जल का दोहन तेजी से बढ़ा है। ऐसे में हम सभी को मिलकर पर्यावरण और जल का संरक्षण करने की जरूरत है। ये बातें कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने मंगलवार को जल-जीवन-हरियाली दिवस के मौके पर कहीं। महीने के पहले मंगलवार को मनाए जाने वाले इस दिवस पर कृषि भवन में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने किया।
 
90% अनुदान के साथ सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा      

इस मौके पर उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन एवं उनके बढ़ते दुष्परिणामों को बिहार सरकार ने गंभीरता से लिया है। कृषि विभाग जैविक खेती, नए जल स्रोतों का सृजन, जलवायु अनुकूल कृषि, फसल अवशेष प्रबंधन, स्प्रिंकल सिंचाई जैसी योजनाएं चला रहा है। पानी बचाने के लिए प्रोत्साहन स्वरूप स्प्रिंकल सिंचाई के लिए 90 फीसदी तक अनुदान दिया जा रहा है।

चेक डैम और नए जल स्रोतों से बढ़ेगा जल स्तर      

वहीं जल-जीवन-हरियाली मिशन के निदेशक सुमित कुमार ने बताया कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जल-जीवन-हरियाली दिवस मनाया जाता है। वन आच्छादन बढ़ाने के लिए कृषि विभाग के अंतर्गत चेक डैम, नए जल स्रोतों का सृजन, कम पानी में अधिक उत्पादन, सूक्ष्म सिंचाई जैसे काम किए जा रहे हैं। इससे पानी के उपयोग की दक्षता बढ़ रही है और जल का संरक्षण किया जा रहा है।

68 हजार एकड़ में सूक्ष्म सिंचाई   

कार्यक्रम में मौजूद कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान राज्य में सफलतापूर्वक चल रहा है। जलवायु परिवर्तन से जुड़े खतरों से निबटने की दिशा में लगातार काम किए जा रहे हैं। राज्य में जलवायु अनुकूल कृषि योजना चलाई जा रही है। इसके तहत कृषि विभाग जलवायु के अनुकूल खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रहा है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत करीब 68 हजार एकड़ भूमि में सूक्ष्म सिंचाई पद्धति का इस्तेमाल हो रहा है। राज्य में बिहार राज्य जैविक मिशन का गठन किया जा चुका है।
             
इस अवसर पर कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ. बीरेंद्र प्रसाद यादव, स्पर्श गुप्ता, एमडी बीआरबीएन, अपर सचिव कल्पना कुमारी, अपर निदेशक धनंजय पति त्रिपाठी सहित कई लोग उपस्थित थे।