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जल-जीवन-हरियाली का असर, 14.5 हजार से अधिक सरकारी भवनों में लगा रेन वाटर हार्वेस्टिंग

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना।

-2019-20 में सबसे ज्यादा 6,753 सिस्टम लगे, अब भी जारी है निर्माण कार्य
-स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और कार्यालय, हर स्तर पर लागू हो रही योजना

पटना, भविष्य की जल संकट की समस्या से निपटने की पूर्व तैयारियों के तहत बिहार सरकार ने कई कारगर योजनाओं को लागू किया है।जिसमें मुख्यत: ग्रामीण विकास विभाग की जल-जीवन हरियाली मिशन एवं इसके तहत रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भूगर्भ जल पुनर्भरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। 
          
योजना क्रियान्वयन के पिछले सात वर्षों में राज्य भर में 14 हजार से भी अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग (आरडब्ल्यूएच) सिस्टम की स्थापना की गई है। विभागीय पदाधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने की प्रक्रिया लगातार जारी है।

राज्य में भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकारी और गैर सरकारी भवनों के छतों पर वर्षा जल संचयन संरचना की स्थापना की जा रही है। योजना के क्रियान्वयन में विद्यालय, महाविद्यालय, सरकारी कार्यालय, अस्पताल और दूसरे सार्वजनिक भवनों को शामिल किया गया है।

विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2019-20 से योजना के शुरुआती दिनों से लेकर आजतक राज्य में कुल 14 हजार 665 संरचनाओं की स्थापना की गई है। इसमें सबसे अधिक वर्ष 2019-20 में छह हजार 753 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना की गई। इसके बाद वर्ष 2020-21 में पांच हजार 752, 2021-22 में 703, 2024-25 में 595, 2025-26 में 403, 2022-23 में 344 और 2023-24 में 115 वर्षा जल संचयन संरचना की स्थापना की गई।

कोट में

बिहार में जल संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान से राज्य में जल संकट को दूर करने,  भूजल स्तर बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इन्हीं प्रयासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सफलता भी शामिल है। सरकारी और गैर सरकारी भवनों के छतों पर वर्षा जल संचयन संरचना भूगर्भ जल पुनर्भरण की दिशा में मील के पत्थर साबित हो रहे हैं। 
श्रवण कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री।