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जल-जीवन-हरियाली का असर, बेगूसराय में कुएं और सोक पिट बने उम्मीद की किरण

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

-ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर भूगर्भ जल संरक्षण के लिए चल रहा बड़ा अभियान

पटना, भूगर्भ जलस्तर बरकरार रखने की मंशा से राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है। इनमें मुख्य रूप से ग्रामीण विकास विभाग की ओर से संचालित जल-जीवन-हरियाली अभियान हाल के वर्षों में काफी कारगर साबित हो हुआ है।

इस अभियान के तहत पिछले सात वर्षों में बेगूसराय जिले में 808 सार्वजनिक कुओं का जहां जीर्णोद्धार किया गया है वहीं 723 कुओं के किनारे सोक पिट का निर्माण कार्य भी पूरा किया गया। 
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पंचायती राज, त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से गांवों में जल-जीवन-हरियाली अभियान के अपवय-03 को लागू किया गया है। इसी के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कुओं का जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण के साथ जगह-जगह सोक पिट का निर्माण किया जा रहा है। अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा छत वर्षा जल संचयन है। इसके तहत जिले के ग्राम पंचायतों में 210 छत वर्षा जल संचयन संरचना के निर्माण का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। 

इन संरचनाओं के निर्माण के पीछे सरकार की मंशा है कि छतों से गिरने वाले वर्षा जल को पाइप के सहारे संग्रहित और फिल्टर करने के बाद भूमिगत टैंक या सोक पिट में भेजा जा सके और भूगर्भ जलस्तर को बरकरार रखने में मदद मिल सके। अधिकारियों का यह भी कहना है कि भूजल पुनर्भरण से जलस्तर में सुधार, सिंचाई, पशुपालन, घरेलू उपयोग में सुविधा बढ़ने के साथ ही भविष्य के लिए जल संरक्षण का एक मजबूत आधार तैयार हुआ है।