विदेश डेस्क,श्रेयांश पराशर l
मॉस्को/कीव। रूस ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के साथ प्रत्यक्ष बातचीत की संभावना पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि जेलेंस्की वार्ता करना चाहते हैं तो वे कभी भी रूस आ सकते हैं। रूस के इस बयान को दोनों देशों के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने शुक्रवार को कहा कि रूस बातचीत के लिए हमेशा खुला रहा है और किसी भी गंभीर शांति पहल का स्वागत करेगा। उन्होंने कहा कि यदि यूक्रेन की ओर से वार्ता का प्रस्ताव आता है तो रूस उस पर विचार करने के लिए तैयार है। पेस्कोव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब युद्ध लगातार तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है और दोनों पक्षों को भारी मानवीय एवं आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति
वलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को पत्र लिखकर आमने-सामने बैठक का प्रस्ताव दिया था। जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध को समाप्त करने और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए दोनों नेताओं के बीच सीधा संवाद आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस बैठक में यूरोप और अमेरिका के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जा सकता है ताकि बातचीत को व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिल सके।
अपने पत्र में जेलेंस्की ने लिखा कि यूक्रेन और रूस के बीच सीधे संवाद के जरिए संघर्ष का समाधान खोजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों का भविष्य इस युद्ध से प्रभावित हुआ है और अब समय आ गया है कि शांति के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी लंबे समय से दोनों देशों के बीच वार्ता की वकालत करता रहा है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने संघर्ष समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को तेज करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पुतिन और जेलेंस्की के बीच प्रत्यक्ष बैठक होती है तो यह युद्धविराम और शांति समझौते की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
हालांकि अभी तक किसी संभावित बैठक की तारीख, स्थान या एजेंडे को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसके बावजूद रूस के ताजा बयान ने वैश्विक स्तर पर शांति की नई उम्मीदें जगा दी हैं और दुनिया की निगाहें अब दोनों देशों की अगली कूटनीतिक पहल पर टिकी हुई हैं।







