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ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, INDIA गठबंधन के नेताओं ने निकाला सुप्रीम कोर्ट तक मार्च

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।

नई दिल्ली। वोट चोरी के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर INDIA गठबंधन के नेताओं और सांसदों ने सोमवार को नई दिल्ली में मार्च निकाला। बाराखंभा रोड से शुरू हुआ यह मार्च सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर रोक लगाने और कथित वोट चोरी की जांच कराने की मांग की।

मतदाता सूची में गड़बड़ी की जांच की मांग

INDIA गठबंधन का कहना है कि SIR की प्रक्रिया पर रोक लगनी चाहिए। साथ ही, मतदाता सूची से कथित तौर पर गलत तरीके से हटाए गए नामों के मामले में हस्तक्षेप किया जाए और चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। गठबंधन ने मताधिकार की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत बताई।

मार्च में कई विपक्षी नेता हुए शामिल

INDIA गठबंधन के इस मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी शामिल हुए।

इनके अलावा कांग्रेस नेता सचिन पायलट, हिमाचल प्रदेश सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले, कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत और अरविंद सावंत भी मार्च में शामिल हुए।

झारखंड मुक्ति मोर्चा की नेता महुआ माझी और तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा समेत विपक्षी दलों के कई अन्य नेता भी मौजूद रहे।

ज्ञानेश कुमार को हटाने के लगाए नारे

मार्च के दौरान विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें पद से हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने ‘वोट चोरों’ से सत्ता छोड़ने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में अनियमितताओं से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि यह शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव व्यवस्था के खिलाफ सबसे बड़ा आंदोलन है।

मोदी और शाह पर भी लगाए आरोप

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तेमाल देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के लिए कर रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष की लड़ाई भारत के मुख्य न्यायाधीश या सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और सिद्धांतों को कमजोर किया जा रहा है।