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झारखंड के पत्रकारों से 'सौतेला व्यवहार' बंद करे सरकार: डॉ. नीरा यादव

स्टेट डेस्क, एन के सिंह।

विधानसभा में गूंजी पत्रकारों की आवाज, कोडरमा विधायक ने शून्यकाल के दौरान मजबूती से उठाया पत्रकार हितों का मुद्दा।

राँची: झारखंड में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों की सुरक्षा और उनके कल्याण को लेकर सियासत गरमा गई है। कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर पत्रकारों के साथ 'सौतेला व्यवहार' करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने विधानसभा के चालू सत्र के दौरान शून्यकाल में पत्रकारों के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून, पेंशन योजना और स्वास्थ्य बीमा को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई।

विधानसभा में उठी हक की आवाज

विधायक डॉ. नीरा यादव ने सदन को अवगत कराया कि झारखंड के पत्रकार पिछले डेढ़ दशक से अपने बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कोरोना काल में शहीद हुए पत्रकारों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की, लेकिन झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार ने अब तक पीड़ित परिवारों को 'फूटी कौड़ी' तक नसीब नहीं होने दी है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार अविलंब पत्रकारों के परिजनों को मुआवजा राशि का भुगतान करे।

"मगरमच्छ के आंसू बहा रही सरकार"

डॉ. नीरा यादव ने रांची स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "पिछली रघुवर दास सरकार ने पत्रकारों के लिए भव्य प्रेस क्लब बनवाया, पेंशन योजना शुरू की और बीमार पत्रकारों का इलाज कराया। लेकिन वर्तमान सरकार ने पिछले 6 वर्षों से पेंशन का भुगतान रोक रखा है।" उन्होंने आगे खुलासा किया कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने पिछले दो वर्षों से पत्रकारों से स्वास्थ्य बीमा के नाम पर प्रीमियम राशि तो वसूल ली है, लेकिन उन्हें आज तक बीमा का लाभ नहीं दिया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

JJA ने किया विधायक का अभिनंदन

झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन (JJA) और भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ (BSPS) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. नीरा यादव के रांची स्थित आवास पर जाकर उन्हें सम्मानित किया। एसोसिएशन के संस्थापक शाहनवाज हसन के नेतृत्व में पत्रकारों ने विधायक को शॉल ओढ़ाकर और संगठन का प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया।
विदित हो कि जेजेए के राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी संजीव समीर ने इस मुद्दे पर डॉ. नीरा यादव के साथ विस्तार से चर्चा की थी और अन्य राज्यों में पत्रकारों को मिल रही सुविधाओं के आंकड़ों से उन्हें अवगत कराया था, जिसके बाद विधायक ने इसे विधानसभा में उठाने का निर्णय लिया।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद

सम्मान समारोह के दौरान जेजेए के संस्थापक शाहनवाज हसन, संजीव समीर, कानूनी सलाहकार वरिष्ठ अधिवक्ता जगदीश सलूजा, कोडरमा जिला अध्यक्ष कुमार रमेशम, जिला महासचिव अनिल सिंह, रांची जिला अध्यक्ष पंकज सिंह और आकाश कुमार सोनी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
 झारखंड में पत्रकारों की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा की मांग अब एक जन आंदोलन का रूप ले रही है। विधानसभा में उठी यह आवाज क्या सरकार की नींद तोड़ेगी, यह देखने वाली बात होगी।