स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
रांची। झारखंड सरकार ने छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। सरकार ने मंगलवार (18 अगस्त) देर रात इन परीक्षाओं की सूची जारी की। अलग-अलग विभागों की ओर से जारी आठ अधिसूचनाओं में परीक्षाओं को रद्द किए जाने की जानकारी दी गई है। सरकार के अनुसार, इन परीक्षाओं में अनियमितताओं से जुड़े मामले सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है।
रद्द की गई परीक्षाओं में वर्ष 2014 से झारखंड लोक सेवा आयोग और आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड की ओर से आयोजित की गई परीक्षाएं भी शामिल हैं। सरकार ने छात्रों की ओर से उठाई जा रही मांगों और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की है। इससे पहले सोमवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तर परीक्षा को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया था।
सरकार की ओर से रद्द की गई परीक्षाओं में कई महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर भर्ती से संबंधित परीक्षाएं शामिल हैं। इनमें औषधि निरीक्षक, सहायक प्राध्यापक, उप समाहर्ता, दंत चिकित्सक, सहायक अभियंता, सिविल न्यायाधीश, अतिरिक्त लोक अभियोजक और वन क्षेत्राधिकारी जैसे पद शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी पॉलिटेक्निक में प्रवक्ता, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, सहायक वन संरक्षक समेत कई प्रशासनिक और तकनीकी पदों की भर्ती परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं।
अधिसूचनाओं में सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए त्वरित अदालतों के गठन की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही है। सरकार उच्च न्यायालय से ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए विशेष रूप से त्वरित अदालतें गठित करने का अनुरोध करेगी। इसके साथ ही झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में एक आंतरिक सतर्कता प्रकोष्ठ स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है, ताकि आयोगों के कामकाज में अनियमितताओं पर निगरानी रखी जा सके।
सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में सुधार के लिए एक समिति का भी गठन किया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली यह समिति दोनों आयोगों में सुधार के संबंध में काम करेगी। समिति को अपनी रिपोर्ट सरकार को दो महीने के भीतर सौंपने के लिए कहा गया है। इसके आधार पर भर्ती प्रक्रियाओं और आयोगों के कामकाज में सुधार के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड सरकार ने सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तर परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की थी। यह फैसला लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में से एक था। छात्रों की ओर से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे, जिसके बाद सरकार ने परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया।
इसके अलावा सरकार ने आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा जारी किए गए परिणामों को भी रद्द कर दिया है। मंगलवार रात जारी आठ अलग-अलग अधिसूचनाओं के माध्यम से 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द किए जाने की जानकारी सार्वजनिक की गई। सरकार के इन फैसलों के साथ भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच, त्वरित सुनवाई और झारखंड लोक सेवा आयोग तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में सुधार की प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।







