स्टेट डेस्क , रानी कुमारी ।
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) की परीक्षाओं में अनियमितताओं व प्रश्नपत्र लीक के विरोध में अभ्यर्थियों का आक्रोश तेज़ हो गया है। पिछले 23 दिनों से जारी आंदोलन के बीच छात्र नेताओं ने राज्य सरकार को 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने पर अभ्यर्थियों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है।
'JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच' के बैनर तले एकजुट हुए प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अब तक शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार के रवैये ने उन्हें सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। छात्र नेताओं का कहना है कि वे अपनी मांग पूरी कराने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। छात्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने उनसे फोन पर बात कर समर्थन का वादा किया था, लेकिन सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे पर खामोश बनी हुई है।
इससे पहले 15 अगस्त को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक हजारों छात्रों ने एक विशाल 'तिरंगा यात्रा' निकाली। इसमें दिव्यांग और लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारी "नौकरी चोर, गद्दी छोड़" के नारे लगाते हुए JSSC-CGL परीक्षा को तत्काल रद्द करने, संदिग्ध परीक्षाओं पर रोक लगाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।
एक तरफ जहां राज्य के विपक्ष के नेताओं ने सरकार से जिद छोड़कर छात्रों से संवाद करने की अपील की है, वहीं सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कहा है कि सरकार पहले दिन से ही मामले की गंभीरता को समझ रही है और दोषियों की गिरफ्तारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी जांच का आश्वासन देते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की बात कही है। हालांकि, छात्र संगठन अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं और 20 अगस्त को रांची में एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं।







