स्टेट डेस्क , रानी कुमारी
झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी ने घोषणा की है कि 25 जुलाई की शाम राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में कैंडल मार्च और सत्याग्रह आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन का उद्देश्य छात्रों के साथ हो रहे अन्याय और परीक्षा प्रणाली में सामने आई अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना है।
यह निर्णय अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देश और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी परिपत्र के आधार पर लिया गया है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देश पर राज्यभर में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि देश के लाखों छात्रों का भविष्य केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों और परीक्षा प्रणाली की विफलताओं के कारण संकट में पड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट और सीबीएसई परीक्षाओं से जुड़ी लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर किया है।
राकेश सिन्हा ने कहा कि जब छात्र अपने अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते हैं, तब उनके साथ दमनात्मक व्यवहार किया जाता है। उनका कहना है कि यह किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति है।
कांग्रेस ने दावा किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर किया जा रहा है। पार्टी ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और आम नागरिकों से कैंडल मार्च एवं सत्याग्रह में शामिल होकर छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की है।
प्रदेश कांग्रेस ने कहा हैं कि शांतिपूर्ण तरीके से कैंडल मार्च निकाला जाएगा और सत्याग्रह के माध्यम से छात्रों के हितों की रक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई जाएगी।






