Ad Image
Ad Image
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा || दिल्ली को मिली फिर साफ हवा, AQI 220 पर पहुंचा || PM मोदी ने भारतरत्न अटल जी और मालवीय जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया || युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती आज

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

टिकट कटने पर विधायक कुसुम देवी रो पड़ीं

लोकल डेस्क, आर्या कुमारी |

गोपालगंज सदर सीट से विधायक कुसुम देवी का टिकट कटने पर वे भावुक हो उठीं। उनके बेटे ने भी इस फैसले पर नाराजगी जताई। कुसुम देवी के समर्थक भी निराश हैं और उन्होंने पार्टी से फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। समर्थकों का कहना है कि विधायक ने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के विकास के लिए काफी काम किया है।

भाजपा ने सदर विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक कुसुम देवी की जगह बैकुंठपुर के विधायक मिथिलेश तिवारी को उम्मीदवार बनाकर जिले की राजनीति में हलचल मचा दी। फैसले के बाद बुधवार शाम कुसुम देवी ने अपने आवास पर प्रेस वार्ता की, जहां वे खुद को संभाल नहीं पाईं और फफक कर रो पड़ीं। विधायक को रोते देख समर्थक भी भावुक हो गए और कई की आंखें नम हो गईं।

कुसुम देवी ने कहा, “मेरे पति स्वर्गीय सुभाष सिंह चार बार विधायक रहे और बिहार सरकार में मंत्री भी बने। उनके निधन के बाद पार्टी ने मुझ पर भरोसा जताया था, और जनता के आशीर्वाद से हम विजयी हुए। हमने हमेशा पार्टी और कमल निशान के लिए पूरी निष्ठा से काम किया, लेकिन आज पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हमें धोखा दिया है।”

उनके पुत्र अनिकेत सिंह भी मां को रोते देख मंच पर ही फफक पड़े। उन्होंने कहा, “हमारा परिवार हमेशा भाजपा की सेवा में समर्पित रहा है, लेकिन आज जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट गया है।”

अनिकेत सिंह ने बैकुंठपुर से प्रत्याशी बनाए गए मिथिलेश तिवारी पर निशाना साधते हुए कहा कि “उन्हें बाहर से लाकर यहां थोपा गया है।” वहीं, मौके पर मौजूद समर्थकों ने मिथिलेश तिवारी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पार्टी के निर्णय का विरोध किया। अनिकेत सिंह ने कहा कि “आने वाले दिनों में अपने लोगों से चर्चा कर अगली रणनीति तय की जाएगी।” संकेत मिल रहे हैं कि वे निर्दलीय रूप से चुनाव मैदान में उतरने पर विचार कर सकते हैं।