नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी।
भिवंडी पुलिस ने बिहार से पकड़ा बिजेंद्र गुप्ता
महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी बिजेंद्र कुमार गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है। भिवंडी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पुणे एयरपोर्ट लाया है और आगे की कार्रवाई के लिए भिवंडी ले जाया जाएगा।
गुप्ता को इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वे काफी समय से फरार थे।
पहले भी कई गिरफ्तारियां
इस मामले में इससे पहले कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 5 जुलाई को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने आगरा की एक प्रिंटिंग प्रेस के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान नरेशकुमार पुरानचंद महोरे, संजयकुमार सुरेशचंद्र चंद्रा और बाबूलाल नारायणसिंह कुशवाहा के रूप में हुई थी।
इन तीनों को दिल्ली से लाकर भिवंडी कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने उन्हें 9 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा था।
जांच में सामने आया कि महोरे ने प्रिंटिंग प्रेस से प्रश्नपत्र लीक किया और इसे पूर्व कर्मचारी संजय कुमार शर्मा तथा एक अन्य फरार आरोपी सोनू कुमार को सौंप दिया। इन दोनों ने फिर लीक हुआ पेपर बिजेंद्र गुप्ता को सप्लाई किया।
रैकेट का तरीका
पुलिस का कहना है कि शर्मा दो साल पहले तक प्रिंटिंग प्रेस के पैकेजिंग हेड के रूप में काम करते थे। सोनू कुमार भी उसी विभाग में काम कर चुके थे। आरोपियों ने प्रिंटिंग प्रक्रिया की जानकारी का फायदा उठाकर गोपनीय प्रश्नपत्रों तक पहुंच बनाई।
एक आरोपी के पास से तीन जिंदा कारतूस भी बरामद हुए थे। भिवंडी के एसीपी विजय मराठे ने कहा था कि कारतूसों की बरामदगी जांच को और महत्वपूर्ण बनाती है। यह पता लगाना जरूरी है कि आरोपी ने ये कारतूस कहां से हासिल किए और किस मकसद से रखे थे।
गुप्ता पर पहले भी उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा समेत कई राज्यों में परीक्षा पेपर लीक के मामलों में आरोप लग चुके हैं। उनकी पत्नी सुमन गुप्ता को भी पहले समस्तीपुर से गिरफ्तार किया जा चुका है।







