Ad Image
Ad Image
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया || PM के आवास के बाहर पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर धरने पर राहुल गांधी || PM मोदी के आवास के बाहर धरने पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज || अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

ट्रंप का दावा, जल्द मुस्लिम शहर बन जाएगा पेरिस

विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।

पेरिस। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और हिंसा को लेकर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की नीतियों की आलोचना की है। ट्रंप ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को दावा किया कि पेरिस जल्द ही मुस्लिम शहर बन जाएगा। उन्होंने फ्रांस में प्रवासियों की बढ़ती संख्या और जनसांख्यिकीय बदलावों को लेकर भी चिंता जताई। ट्रंप के अनुसार, दुनिया के अलग-अलग देशों से बड़ी संख्या में लोगों को फ्रांस आने देने का फैसला देश के लिए गलत साबित हो सकता है।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि मैक्रों उनके मित्र हैं और उन्होंने पहले भी फ्रांसीसी राष्ट्रपति को इस मुद्दे पर आगाह किया था। ट्रंप ने आरोप लगाया कि फ्रांस दुनिया भर से लोगों को अपने यहां आने की अनुमति दे रहा है, जिसका असर देश की आबादी की संरचना पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रवासियों के कारण फ्रांस में जनसांख्यिकीय बदलाव तेजी से हो रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने दावा किया कि पेरिस बहुत जल्द मुस्लिम शहर बन जाएगा और ऐसी स्थिति फ्रांस के लिए सही नहीं है।

फ्रांस में हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिनमें हिंसा और झड़पों के कारण हजारों लोग प्रभावित हुए। शनिवार को देशभर में करीब पांच लाख पचास हजार लोगों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर हिंसा हुई, जिसमें आम नागरिकों के साथ पुलिसकर्मी भी घायल हुए। इन घटनाओं के बाद फ्रांस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है और कई शहरों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, हिंसा से प्रभावित प्रदर्शनों के दौरान कुल 2,397 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन घटनाओं में 997 पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए, जिनमें से सात की हालत गंभीर बताई गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों के चलते कई इलाकों में तनाव की स्थिति बनी रही। हिंसा के कारण बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कई शहरों में सार्वजनिक गतिविधियां प्रभावित हुईं।

प्रदर्शनों के कारण फ्रांस के कई शहरों में कामकाज और सामान्य गतिविधियों पर असर पड़ा है। कुछ स्थानों पर बंद जैसी स्थिति पैदा हो गई, जबकि कई इलाकों में कर्फ्यू लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। हिंसा और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास कर रहा है। लगातार जारी तनाव के कारण आम लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार कार्रवाई का सामना करना होगा। प्रशासन की ओर से हिंसा की घटनाओं और उनमें शामिल लोगों को लेकर कार्रवाई की जा रही है। सरकार के सामने एक ओर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दूसरी ओर प्रभावित शहरों में सामान्य स्थिति बहाल करने की चुनौती है।

फ्रांस में जारी हिंसा और प्रवासियों को लेकर ट्रंप की टिप्पणियों ने इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। ट्रंप ने मैक्रों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि प्रवासियों के कारण पेरिस की जनसांख्यिकीय स्थिति तेजी से बदल रही है। वहीं, फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई गिरफ्तारियों, पुलिसकर्मियों के घायल होने और कई शहरों में कर्फ्यू जैसी परिस्थितियों ने देश की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।