Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

ट्रंप का दावा: तेहरान पर ‘भीषण हमले’ में ईरान के कई सैन्य अधिकारी मारे गए

विदेश डेस्क, नीतीश कुमार

वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि तेहरान में हुए एक “भीषण हमले” में ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे गए हैं। यह बयान उस समय आया है जब उन्होंने कुछ ही घंटे पहले ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।

ट्रंप ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि यह हमला कब हुआ, लेकिन उन्होंने एक वीडियो साझा किया जिसमें किसी स्थान से धुआं उठता दिखाई दे रहा है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो हाल का है या पुराना और किस स्थान को निशाना बनाया गया है।

उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर कहा कि “ईरान के कई सैन्य अधिकारी इस भीषण हमले में तेहरान में खत्म कर दिए गए हैं।”

इससे पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा था कि समय तेजी से समाप्त हो रहा है और इसके बाद ईरान पर “चौतरफा आफत” आएगी।

वहीं, ईरान ने ट्रंप के इस अल्टीमेटम को सिरे से खारिज करते हुए इसे “हताशापूर्ण, घबराहट भरा, असंतुलित और मूर्खतापूर्ण कदम” बताया है।

ईरान के ‘खातम अल-अंबिया’ केंद्रीय मुख्यालय के जनरल अली अब्दुल्लाही अली आबादी ने चेतावनी दी कि यदि ईरान के बुनियादी ढांचे पर अमेरिका या इजरायल की ओर से कोई हमला होता है, तो पश्चिम एशिया में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायली लक्ष्यों पर “विनाशकारी और लगातार” हमले किए जाएंगे।

ईरान की समाचार एजेंसी ‘फार्स’ के अनुसार, जनरल अली आबादी ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति लगातार असफलताओं के बाद हताशा में ईरान की राष्ट्रीय संपत्तियों को निशाना बनाने की धमकी दे रहे हैं।