विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
वॉशिंगटन, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। अमेरिका ने इस सप्ताह ईरान पर बड़ा हमला किया था, जिसके बाद ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका इसी तरह का एक और बड़ा हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी कार्रवाई का मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि पिछली रात ईरान पर एक बहुत बड़ा हमला किया गया और अमेरिका जब चाहे तब इसी तरह की दूसरी कार्रवाई करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान के साथ यह युद्ध बहुत लंबे समय तक चलेगा। चुनावों के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि वह खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, हालांकि उनकी पार्टी चुनाव मैदान में है और वह अपनी पार्टी की मदद करेंगे।
ट्रंप ने कहा कि उनकी पार्टी इस बात का सम्मान करती है कि उनका प्रशासन ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। ट्रंप के बयान ऐसे समय आए हैं जब ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और दोनों देशों के बीच तनाव को लेकर अमेरिका में राजनीतिक चर्चा भी तेज है।
अमेरिका में संसदीय चुनाव नजदीक आने के साथ ट्रंप पर युद्ध को समाप्त करने का राजनीतिक दबाव भी बढ़ने की बात कही जा रही है। हालांकि, ट्रंप ने अब तक युद्ध खत्म करने की मांगों को नजरअंदाज किया है। उनसे सोशल मीडिया पर किए गए उस पोस्ट को लेकर भी सवाल किया गया, जिसमें उन्होंने ईरान के लोगों से उठ खड़े होने और संघर्ष करने की अपील की थी।
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरान में सरकार का विरोध करने वाले लोगों को मौजूदा सत्ता हटाने के लिए हथियार उपलब्ध कराने पर विचार कर रहा है, तो उन्होंने सीधे तौर पर इसका जवाब देने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने कहा कि वह इस बारे में जानकारी देना पसंद करते, लेकिन फिलहाल ऐसा करना उचित नहीं होगा। उन्होंने साथ ही कहा कि वह ईरानी लोगों की परेशानी को समझते हैं और उन्हें लेकर चिंता है, क्योंकि उनके मुताबिक उन पर गोलियां चलाई जा रही हैं।
इस बीच अमेरिका ईरान के खिलाफ समुद्री प्रतिबंधों को भी सख्ती से लागू करने में जुटा है। अमेरिकी नौसेना की ओर से ईरान पर लगाए गए समुद्री प्रतिबंधों को लागू करने की कार्रवाई जारी है। 2 सितंबर तक अमेरिकी सेना ने 86 व्यावसायिक जहाजों के मार्ग में बदलाव कराया है। इसके अलावा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए तीन जहाजों को ठप किए जाने और दो जहाजों पर चढ़कर उनकी जांच किए जाने की जानकारी दी गई है।
ईरान पर अमेरिकी हमले और समुद्री प्रतिबंधों की कार्रवाई के बीच दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। ट्रंप ने एक तरफ युद्ध जल्द खत्म होने की उम्मीद जताई है, वहीं दूसरी ओर जरूरत पड़ने पर दोबारा बड़ा हमला करने की तैयारी का संकेत दिया है। ऐसे में ईरान और अमेरिका के बीच आगे की सैन्य और कूटनीतिक स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।







