Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

ट्विंशा शर्मा की मौत पर बढ़ा विवाद, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद उठे नए सवाल

स्टेट डेस्क, रानी कुमारी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सेवानिवृत्त न्यायाधीश की बहू ट्विंशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मृतका के मायके पक्ष ने हत्या की आशंका जताई है, जबकि ससुराल पक्ष ने रिपोर्ट और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मामले ने अब प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना लिया है।

जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव पर कई चोटों के निशान मिलने का उल्लेख किया गया है। इसके बाद मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि यह मामला आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का हो सकता है। परिजनों का कहना है कि जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की गई है, जिससे सच्चाई सामने आने में बाधा उत्पन्न हो रही है।

मृतका के परिवार ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया में लापरवाही बरते जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिस बेल्ट से फांसी लगाए जाने की बात कही जा रही है, उसे जांच अधिकारियों ने समय रहते जब्त नहीं किया। इसके कारण डॉक्टर कथित फांसी के साधन और गर्दन पर बने निशानों का वैज्ञानिक परीक्षण नहीं कर सके। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने और दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम करवाने की मांग की है।

परिजनों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। यही कारण है कि घटना के आठ दिन बाद भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।