एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा।
मुंबई। पंजाबी गायक डलेर मेहंदी को उत्तराखंड के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंच पर टोकने के मामले में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अपना बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यदि गायक की तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम में आने से पहले आयोजकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मनोरंजन जगत में कलाकार के सम्मान और कार्यक्रम के प्रति जिम्मेदारी को लेकर बहस छिड़ गई है।
यह घटना रविवार रात नई टिहरी क्षेत्र के नरेंद्र नगर में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई। प्रस्तुति के बीच मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और डलेर मेहंदी के गाने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गायक ठीक से बोल नहीं पा रहे थे और पहले से रिकॉर्ड किए गए संगीत पर प्रस्तुति दे रहे थे।
मंत्री ने दावा किया कि कार्यक्रम के आयोजकों और दर्शकों की ओर से भी प्रस्तुति को लेकर सवाल उठ रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि गायक को कार्यक्रम के लिए 35 लाख रुपये दिए जाने की बात थी और उनके ठहरने तथा यात्रा की व्यवस्था की गई थी। हालांकि, यह राशि मंत्री के बयान पर आधारित है। डलेर मेहंदी के नशे में होने का आरोप भी स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हुआ है।
सुबोध उनियाल ने कहा कि बाद में उन्हें पता चला कि डलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी। उनके मुताबिक, यदि गायक अस्वस्थ थे, तो उन्हें पहले ही आयोजकों को बता देना चाहिए था। मंत्री ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य गायक का अपमान करना नहीं था, बल्कि उन्हें प्रस्तुति को लेकर आपत्ति थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय गायक की कोई चिकित्सकीय जांच नहीं कराई गई थी, इसलिए उनकी स्थिति के बारे में कोई चिकित्सकीय निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
इस विवाद के बाद कई कलाकार डलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए। उनके भाई और गायक मीका सिंह ने बताया कि डलेर मेहंदी की हाल में सर्जरी हुई थी और उन्होंने मंत्री से गायक के साथ हुए व्यवहार पर माफी मांगने की मांग की। अभिनेता अनुपम खेर, कॉमेडियन कपिल शर्मा और रैपर बादशाह सहित अन्य हस्तियों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी।
इस घटना ने कलाकारों के सम्मान, स्वास्थ्य और पेशेवर जिम्मेदारी को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। जहां कुछ कलाकारों ने मंच पर सार्वजनिक रूप से टोकने के तरीके पर सवाल उठाए, वहीं मंत्री ने प्रस्तुति की गुणवत्ता को लेकर अपनी आपत्ति का बचाव किया। फिलहाल, डलेर मेहंदी के नशे में होने का आरोप प्रमाणित नहीं है और उनकी चिकित्सकीय स्थिति के बारे में भी सीमित जानकारी सार्वजनिक हुई है। इसलिए इस मामले में आरोपों और पुष्ट तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।







