Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

डीरेगुलेशन फेज-2 के लंबित कार्य 15 दिनों में निपटाएं: विशेष सचिव

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

विनियामक सुधारों के लिए विशेष सचिव के के पाठक व मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की उच्चस्तरीय बैठक
तकनीकी चूकों के लिए कारावास की जगह अर्थदंड का प्रावधान जल्द

पटना, राज्य में डीरेगुलेशन फेज 2 के अंतर्गत लंबित सभी मामलों को अगले 15 दिनों के अन्दर निपटाकर पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही व्यावसायिक कानूनों के तहत छोटी तकनीकी चूकों के लिए कारावास जैसे कठोर प्रावधानों को हटाकर अर्थदंड (पेनालिटी) में बदलने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के.के. पाठक ने शुक्रवार को मुख्य सचिवालय स्थित सभाकक्ष में राज्य में निवेश को बढ़ावा, व्यापार सुगमता में सुधार और पुराने पड़ चुके कानूनों को समाप्त करने के लिए डीरेगुलेशन फेज-1 व 2 पर विस्तृत समीक्षा बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की|

विशेष सचिव ने कहा कि यदि कोई सुधार एक से अधिक विभागों से संबंधित है, तो कैबिनेट सचिवालय विभाग समन्वय की भूमिका निभाए, ताकि फाइलें लंबित न रहें। सभी विभागीय नोडल अधिकारी प्रत्येक शुक्रवार को समीक्षा के लिए प्रगति रिपोर्ट कैबिनेट सचिवालय को भेजें। श्री पाठक ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी विभाग अपने कार्यक्षेत्र से अनावश्यक शिकायत का बोझ (कम्पलायनस बर्डन) को कम करें। साथ ही फेज-2 के तहत चिन्हित सुधारों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। बुनियादी ढांचे के विकास में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सतत विकास के लिए राष्ट्रीय भवन संहिता(एनबीसीएस) 2026 के नए मानकों को राज्य के बिल्डिंग बाय लाज में एकीकृत करने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। 

इस क्रम में राज्य में शहरी नियोजन को आधुनिक बनाने के लिए फ्लोर एरिया रेशियो(एफएआर) के नियमों को तर्कसंगत बनाने और सरकारी संपत्तियों के कुशल प्रबंधन के लिए सम्पूर्ण सुविधा प्रबंधन(टीएफएम) मॉडल को अपनाने का निर्देश दिया गया।

नियमों, रिटर्न और रजिस्टरों की बनेगी सूची

विशेष सचिव ने सख्त लहजे में कहा कि अनावश्यक नियम निवेश के मार्ग में बाधा है। इसलिए विभाग ऐसे सभी नियमों, रिटर्न और रजिस्टरों की सूची तैयार करें जिन्हें समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने बिहार द्वारा अब तक की गई प्रगति पर संतोष जताया और राज्य को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाने के लिए केंद्र की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

मुख्य सचिव ने सभी स्वीकृतियों के लिए 'सिंगल विंडो सिस्टम' और 'स्व-प्रमाणीकरण'  को अनिवार्य रूप से लागू करने कहा ताकि मानवीय हस्तक्षेप को कम किया जा सके। सभी विभागों 'मिशन मोड' में काम करें। मौके पर वित्त, उद्योग, नगर विकास, भवन निर्माण एवं अन्य संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।