Ad Image
Ad Image
युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप || बिहार: विजय कुमार सिन्हा, निशांत कुमार, दिलीप जायसवाल, दीपक प्रकाश समेत 32 ने ली शपथ || बिहार में सम्राट सरकार का विस्तार, 32 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ || वोट चोरी का जिन्न फिर निकला, राहुल गांधी का EC और केंद्र सरकार पर हमला || वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत || टैगोर जयंती पर 9 मई को बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना || केरल में सरकार गठन की कवायद तेज: अजय माकन और मुकुल वासनिक पर्यवेक्षक || असम में बीजेपी जीत के हैट्रिक की ओर, 101 से अधिक पर बढ़त, कांग्रेस 23 पर सिमटी || पांच राज्यों में मतगणना जारी: बंगाल, असम में भाजपा को बढ़त, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके को बढ़त || तमिलनाडु चुनाव: एक्टर विजय की टीवीके ने किया उलटफेर, 109 सीटो पर बढ़त

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

डॉक्टर के लॉकर से मिली AK-47, श्रीनगर पुलिस दंग में

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में उस समय हड़कंप मच गया, जब अनंतनाग के पूर्व सरकारी डॉक्टर अदील अहमद रदर के लॉकर से AK-47 राइफल बरामद हुई. अदील 24 अक्टूबर 2024 तक GMC अनंतनाग में सेवा में थे और उनका घर जलगुंड अनंतनाग में है।

इस मामले को लेकर थाना नौगाम में FIR नंबर 162/2025 दर्ज की गई है। इस FIR में भारतीय शस्त्र अधिनियम की कई धाराएं और UAPA की धाराएं शामिल हैं। पुलिस और संबंधित एजेंसियां इस पूरे प्रकरण की गंभीर जांच में जुटी हैं।

अदील अहमद रदर पर अवैध हथियार रखने और आतंक संबंधी गतिविधियों में संभावित संलिप्तता के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने उनके पास से बरामद राइफल और अन्य सामग्री को सबूत के रूप में जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। डॉक्टर के निजी लॉकर से AK-47 का मिलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। यह घटना संकेत देती है कि हथियारों को किस तरह छुपाकर रखा जा सकता है।

श्रीनगर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच के दौरान डिजिटल और भौतिक दोनों प्रकार के सबूत जुटाए जा रहे हैं। मामला सुरक्षा दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए पुलिस सतर्कता बढ़ाते हुए आतंक समर्थक नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है।