नेशनल डेस्क, मुस्कान सिंह।
नई दिल्ली: देश के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में डाक सेवाओं को अधिक तेज, आधुनिक और सुलभ बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि ड्रोन आधारित डाक एवं पार्सल वितरण सेवा के माध्यम से अब दूरस्थ गांवों तक कम समय में डाक पहुंचाई जा सकेगी।
सिंधिया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश के मंडी-रेहड़धार मार्ग पर इंडिया पोस्ट की ड्रोन आधारित डाक एवं पार्सल वितरण सेवा का शुभारंभ किया गया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक आवश्यक सेवाओं की तेज और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में डाक पहुंचाने में पहले कई घंटे लग जाते थे, वहां अब ड्रोन तकनीक की मदद से यह कार्य कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकेगा। इसके साथ ही रियल टाइम ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे डाक और पार्सल की निगरानी आसान हो जाएगी तथा पारदर्शिता बढ़ेगी।
केंद्र सरकार का मानना है कि ड्रोन तकनीक के उपयोग से डाक वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में भी आवश्यक सामग्री और दस्तावेजों की शीघ्र आपूर्ति संभव हो सकेगी। यह पहल विशेष रूप से उन गांवों के लिए लाभकारी साबित होगी, जहां भौगोलिक चुनौतियों के कारण पारंपरिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित रहती है।
डाक विभाग के इस नवाचार को ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इस तकनीक का विस्तार देश के अन्य दुर्गम क्षेत्रों में भी किया जा सकता है, जिससे लाखों लोगों को तेज और बेहतर डाक सेवाओं का लाभ मिलेगा।







