Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

तेल उत्पादन बढ़ाने में सरकार नाकाम: कांग्रेस

नेशनल डेस्क,श्रेयांश पराशर l

नई दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर देश में तेल उत्पादन और आपूर्ति बढ़ाने में विफल रहने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि सरकार की नीतियों और कमजोर रणनीति के कारण देश में तेल संकट की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का वादा किया था, लेकिन आज हालात इसके विपरीत दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार घरेलू तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने में असफल रही है।

गोहिल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का प्रभाव भारत पर अधिक पड़ रहा है, क्योंकि सरकार ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और घरेलू उत्पादन क्षमता को मजबूत करने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि बढ़ती महंगाई और ईंधन कीमतों ने आम लोगों के घरेलू बजट को प्रभावित किया है।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को तेल उत्पादन और आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक नीति तैयार करे और तेल आयात पर निर्भरता कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए।

वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए विपक्ष सरकार को आर्थिक और जनहित के मुद्दों पर लगातार घेरने की रणनीति अपना रहा है। तेल उत्पादन और महंगाई का मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बन सकता है।