स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का ऐतिहासिक प्रदर्शन जारी है। थुलासिमती मुरुगेसन और मानसी जोशी की जोड़ी ने महिला युगल एसएल3-एसयू5 स्पर्धा में चीन को हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। इस जीत के साथ भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 28 हो गई थी। प्रतियोगिता में भारत ने अपना अभियान 114 पदकों के साथ समाप्त किया।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। महिला युगल एसएल3-एसयू5 के फाइनल में थुलासिमती मुरुगेसन और मानसी जोशी ने चीन की यांग किउक्सिया और शियाओ जुक्सियान को सीधे गेमों में 21-16, 21-13 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने महज 28 मिनट में मुकाबला जीत लिया।
इस जीत के साथ भारतीय जोड़ी ने पिछले एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में मिली हार का बदला भी चुकता किया। पिछली बार रजत पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी ने इस बार अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।
थुलासिमती ने एक दिन में जीते तीन पदक
थुलासिमती मुरुगेसन के लिए यह दिन बेहद यादगार रहा। उन्होंने महिला एकल एसयू5 स्पर्धा के फाइनल में चीन की यांग किउक्सिया के खिलाफ 18-21, 11-21 से हार के बाद रजत पदक जीता। इसके बाद नितेश कुमार के साथ मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 के फाइनल में भी उन्हें रजत पदक मिला। भारतीय जोड़ी को इंडोनेशिया की लेआनी रात्री ओक्टिला और हिकमत रामदानी ने 21-11, 19-21, 14-21 से हराया। महिला युगल में मानसी जोशी के साथ स्वर्ण जीतकर थुलासिमती ने एक ही दिन में एक स्वर्ण और दो रजत पदक अपने नाम किए।
पैरा बैडमिंटन में भारत को मिले कई अहम पदक
भारतीय खिलाड़ियों ने अन्य स्पर्धाओं में भी शानदार प्रदर्शन किया। नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल एसएल4 और नितेश कुमार ने पुरुष एकल एसएल3 में स्वर्ण पदक जीता। पुरुष एकल एसएल3 के फाइनल में नितेश ने हमवतन प्रमोद भगत को हराया। वहीं, महिला एकल एसएच6 स्पर्धा में नित्या श्री सुमति सिवन ने रजत पदक हासिल किया।
भारत ने 114 पदकों के साथ अभियान किया समाप्त
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने अपना अभियान 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य सहित कुल 114 पदकों के साथ समाप्त किया। इस प्रदर्शन के दम पर भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। भारत ने 2023 में हांगझोऊ में हुए पिछले संस्करण के संशोधित आँकड़े 108 पदकों को पीछे छोड़ते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। इस बार भारतीय दल में 168 खिलाड़ी शामिल थे, जबकि पिछले संस्करण में भारत ने 309 खिलाड़ियों का दल भेजा था।
थुलासिमती मुरुगेसन और मानसी जोशी की स्वर्णिम जीत भारतीय पैरा बैडमिंटन के लिए एक बड़ी उपलब्धि रही। दोनों खिलाड़ियों ने चीन की मजबूत जोड़ी को हराकर न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि भारत के शानदार अभियान को भी यादगार बना दिया।







