Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

दिल्ली में बनेगी आधुनिक स्पोर्ट्स सिटी, नेहरू स्टेडियम होगा ध्वस्त

नेशनल डेस्क, श्रेया पांडेय |

केंद्र सरकार ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम को तोड़कर उसकी जगह एक आधुनिक "स्पोर्ट्स सिटी" बनाने का फैसला किया है। यह परियोजना लगभग 102 एकड़ जमीन पर फैली होगी और इसमें आधुनिक स्टेडियम, इंडोर एरेना, प्रशिक्षण केंद्र, स्पोर्ट्स साइंस लैब और एथलीट विलेज जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली को खेलों के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाना है और भारतीय खिलाड़ियों को अत्यनि आधुनिक प्रशिक्षण और रहने की सुविधाएं प्रदान करना है। खेल मंत्रालय ने कतर और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के मॉडल का अध्ययन कर इस परियोजना को वैश्विक स्तर का बनाने की योजना बनाई है।

वर्तमान में, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम 1982 में एशियाक खेलों के लिए बनाया गया था और 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले इसका व्यापक रूप से नवीनीकरण किया गया था। लगभग 60,000 दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम देश के सबसे बड़े खेल स्थलों में से एक है।

इस परियोजना के तहत, मौजूदा स्टेडियम को पूरी तरह से तोड़ दिया जाएगा और उसकी जगह नई और आधुनिक सुविधाएं बनाई जाएंगी। इसमें नेशनल डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) और नेशनल डोप टेस्टिंग लैब (NDTL) को भी नई जगह स्थानांतरित किया जाएगा।

यह परियोजना 2036 ओलंपिक गेम्स स्तर की इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवस्था तैयार करने के लिए बनाई जा रही है, ताकि भारत भविष्य में किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए तैयार हो सके।