नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय |
नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पूर्वी दिल्ली के निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 'मयूर विहार पॉकेट-1' मेट्रो स्टेशन का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर 'श्री राम मंदिर मयूर विहार' कर दिया है। यह स्टेशन पिंक लाइन (Majlis Park - Shiv Vihar) पर स्थित है।
इस बदलाव का निर्णय केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे यात्रियों की सुविधा का तर्क भी प्रमुख है। स्थानीय विधायक रविकांत उज्जैनवाल के अनुसार, मयूर विहार इलाके में दो मुख्य स्टेशन हैं— मयूर विहार फेज-1 और मयूर विहार पॉकेट-1। नामों में अत्यधिक समानता होने के कारण अक्सर यात्री भ्रमित हो जाते थे और गलत स्टेशन पर उतर जाते थे। इस भ्रम को दूर करने के लिए 'मयूर विहार पॉकेट-1' का नाम बदलने का प्रस्ताव काफी समय से विचाराधीन था।
इसके साथ ही, इस क्षेत्र में स्थित 'श्री राम मंदिर' (मयूर विहार पॉकेट-1) स्थानीय लोगों की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। श्री सनातन धर्म सभा और स्थानीय नागरिकों ने लगातार यह मांग उठाई थी कि स्टेशन का नाम मंदिर के नाम पर रखा जाए ताकि इसे एक विशिष्ट पहचान मिल सके।
DMRC ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से मंजूरी मिलने के बाद शनिवार (7 फरवरी, 2026) को इस बदलाव को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की। स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वारों, प्लेटफॉर्मों और मेट्रो मैप्स पर लगे पुराने बोर्ड्स को बदलने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही ट्रेनों के भीतर होने वाली ऑडियो घोषणाओं (Announcements) में भी 'श्री राम मंदिर मयूर विहार' नाम सुनाई देने लगेगा।
तकनीकी रूप से यात्रियों के रूट या किराए में कोई बदलाव नहीं होगा। पिंक लाइन और ब्लू लाइन के बीच का इंटरचेंज 'मयूर विहार फेज-1' स्टेशन पर ही रहेगा। नया नाम मिलने से अब यात्रियों को यह समझने में आसानी होगी कि वे मयूर विहार के किस विशेष हिस्से में हैं।
यह बदलाव दिल्ली मेट्रो की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत स्टेशनों को स्थानीय लैंडमार्क या प्रसिद्ध स्थलों के नाम पर पुनर्नामित किया जाता है ताकि स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिले और सार्वजनिक परिवहन अधिक उपयोगकर्ता के अनुकूल (User-friendly) बने।







