Ad Image
Ad Image
युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप || बिहार: विजय कुमार सिन्हा, निशांत कुमार, दिलीप जायसवाल, दीपक प्रकाश समेत 32 ने ली शपथ || बिहार में सम्राट सरकार का विस्तार, 32 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ || वोट चोरी का जिन्न फिर निकला, राहुल गांधी का EC और केंद्र सरकार पर हमला || वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत || टैगोर जयंती पर 9 मई को बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना || केरल में सरकार गठन की कवायद तेज: अजय माकन और मुकुल वासनिक पर्यवेक्षक || असम में बीजेपी जीत के हैट्रिक की ओर, 101 से अधिक पर बढ़त, कांग्रेस 23 पर सिमटी || पांच राज्यों में मतगणना जारी: बंगाल, असम में भाजपा को बढ़त, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके को बढ़त || तमिलनाडु चुनाव: एक्टर विजय की टीवीके ने किया उलटफेर, 109 सीटो पर बढ़त

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

दिल्ली हाईकोर्ट का दो टूक: खाली करें सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट्स

नेशनल डेस्क, वेरोनिका राय |

दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोगों को एक बड़ा झटका लगा है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने निवासियों को अपने-अपने फ्लैट खाली करने के लिए अतिरिक्त समय देने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पहले ही निवासियों को पर्याप्त समय दिया जा चुका है और अब और देरी करना लोगों की जान को जोखिम में डालने जैसा होगा।

कोर्ट ने कहा – “अब और मोहलत नहीं”

मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तनुजा सिंह ढंग की पीठ ने इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत किसी भी सूरत में लोगों के जीवन को खतरे में डालने का जोखिम नहीं उठा सकती। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, और सर्वोच्च न्यायालय पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट्स की इमारतें बेहद जर्जर हालत में हैं। इसलिए इन अपार्टमेंट्स को जल्द से जल्द खाली कराना जरूरी है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और सुरक्षा का सवाल

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही कहा था कि सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट्स की इमारतें रहने लायक नहीं हैं। कई जगहों से दीवारों में दरारें, छतों के कमजोर होने और स्ट्रक्चर के असुरक्षित होने की रिपोर्ट सामने आई थी। विशेषज्ञों की टीम ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि अगर समय रहते इमारतें खाली नहीं कराई गईं तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
इस रिपोर्ट के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अपार्टमेंट्स को खाली कराने का आदेश जारी किया था, लेकिन कुछ निवासियों ने अदालत में याचिका दायर कर थोड़ा और समय देने की मांग की थी।

कोर्ट ने खारिज की याचिका

कोर्ट ने नौ निवासियों की ओर से दायर इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि यदि कुछ लोगों को राहत दी गई तो फिर सभी को देना पड़ेगा, जिससे आदेश का पालन नहीं हो पाएगा। अदालत ने साफ कहा कि आदेश पहले ही दिया जा चुका है और अब किसी भी तरह की देरी अदालत की अवमानना के समान होगी।

निवासियों की निराशा

अदालत के इस फैसले से अपार्टमेंट के सैकड़ों निवासी निराश हैं। उनका कहना है कि अचानक घर खाली करना आसान नहीं है। कई लोगों ने कहा कि उन्हें वैकल्पिक ठिकाना ढूंढने में मुश्किलें आ रही हैं। हालांकि DDA का कहना है कि सभी को पहले से चेतावनी दी जा चुकी थी और उन्हें घर खाली करने के लिए कई महीने का समय भी दिया गया था।

क्या है सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट्स

सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट्स, मुखर्जी नगर इलाके में DDA द्वारा बनाए गए ऊंची इमारतों वाला एक रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स है। इसे करीब 15 साल पहले तैयार किया गया था, लेकिन समय के साथ इमारत की हालत काफी खराब हो गई। 2023 में स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट में यह पाया गया कि बिल्डिंग की संरचना कमजोर है और यह किसी भी समय गिर सकती है। इसके बाद DDA ने इसे असुरक्षित घोषित कर दिया था।

अब क्या होगा आगे?

अब कोर्ट के आदेश के बाद निवासियों को जल्द ही अपने घर खाली करने होंगे। DDA ने साफ कहा है कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से अपार्टमेंट्स को जल्द खाली कराया जाएगा, और यदि कोई व्यक्ति आदेश का पालन नहीं करता है तो प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

इस तरह, दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले से साफ हो गया है कि सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट्स के निवासी अब और समय नहीं पा सकेंगे और उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए जल्द से जल्द घर खाली करने होंगे।