हेल्थ डेस्क, रानी कुमारी
देश में कुपोषण को जड़ से खत्म करने और जन-जन तक संतुलित आहार का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से 9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक ‘8वां पोषण पखवाड़ा’ मनाया जाएगा। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से देशभर में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
पोषण पखवाड़ा के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों, स्वास्थ्य उपकेंद्रों और सामुदायिक स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को संतुलित आहार, स्वच्छता, एनीमिया की रोकथाम, टीकाकरण और बच्चों के समुचित विकास के बारे में जागरूक किया जाएगा।
इस अभियान में खास तौर पर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, नवजात शिशुओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लाभार्थियों को पोषण संबंधी जानकारी देंगी और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराएंगी।
सरकार के ‘पोषण अभियान’ के तहत चलाया जा रहा यह पखवाड़ा जनभागीदारी पर आधारित है, जिसमें स्थानीय प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और सामुदायिक गतिविधियों के जरिए भी पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अभियानों से समाज में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और कुपोषण, एनीमिया तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने में मदद मिलेगी। यह पहल ‘स्वस्थ भारत’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।







