Ad Image
Ad Image
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा || दिल्ली को मिली फिर साफ हवा, AQI 220 पर पहुंचा || PM मोदी ने भारतरत्न अटल जी और मालवीय जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया || युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती आज

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

नई श्रम नीति 2025 लाने की तैयारी में मोदी सरकार, तीन चरणों में होगा क्रियान्वयन

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार ।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने श्रमिकों को सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने और उनके व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य की रक्षा के उद्देश्य से श्रम शक्ति नीति 2025 का प्रस्ताव तैयार किया है। यह नीति महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण के साथ एक निष्पक्ष, समावेशी और भविष्य उन्मुख श्रम पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने पर केंद्रित होगी। मंत्रालय एक रोजगार सुविधा प्रदाता के रूप में कार्य करेगा और श्रमिकों, प्रशिक्षण संस्थानों व नियोक्ताओं के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करेगा। मसौदे के अनुसार, नीति तीन चरणों में लागू की जाएगी।

साथ ही, श्रम मंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय श्रम रोजगार नीति कार्यान्वयन परिषद (NLEPIC) नामक एक अंतर-मंत्रालयी निकाय गठित किया जाएगा, जो तीनों चरणों की प्रगति और निर्धारित लक्ष्यों की निगरानी करेगा।

नीति के प्रमुख बिंदुओं में सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा खाता बनाना और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, कर्मचारी राज्य बीमा निगम, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, ई-श्रम और राज्य कल्याण बोर्डों के लाभों का एकीकरण शामिल है। इसके अलावा, राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और स्किल इंडिया को एक संयुक्त कौशल-रोजगार कार्यक्रम में जोड़ा जाएगा।

सरकार इस नीति के तहत स्व-प्रमाणन, सरल एमएसएमई रिटर्न और एकल-खिड़की डिजिटल अनुपालन प्रणाली को प्रोत्साहित करेगी। इसके साथ ही, हरित रोजगार को बढ़ावा देने और पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय श्रम डेटा संरचना विकसित की जाएगी।

मंत्रालय ने इस मसौदा नीति पर सुझाव और प्रतिक्रियाएं मांगी हैं, जिन्हें कैबिनेट के अनुमोदन से पहले शामिल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि भारत का श्रम बाजार अब डिजिटलीकरण और हरित परिवर्तन से प्रभावित संरचनात्मक बदलावों के दौर से गुजर रहा है, जिसे सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और तकनीकी शासन को एकीकृत ढांचे में लाकर मजबूत किया जाएगा।

तीन चरणों के कार्यान्वयन में पहला चरण वित्तीय वर्ष 2027 तक संस्थागत व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा एकीकरण पर केंद्रित रहेगा। दूसरा चरण 2027 से 2030 तक चलेगा, जिसमें सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा खाते, जिला स्तर के रोजगार सुविधा केंद्रों और कौशल-ऋण प्रणाली का क्रियान्वयन होगा। तीसरे चरण में सभी पहलों का समेकन किया जाएगा।

सरकार इस नीति के तहत राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल को भारत के रोजगार क्षेत्र के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है, जो नौकरी मिलान, प्रमाणपत्र सत्यापन और कौशल संरेखण के लिए तकनीकी आधार प्रदान करेगा।