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नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अखिलेश ने उठाए सवाल

नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे पर सवाल केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से जुड़े हैं, उस पर जवाब किसी दूसरे मंत्रालय के मंत्री दे रहे हैं। इसे उन्होंने सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़ा करने वाला कदम बताया।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि युवाओं के आंदोलन के बीच सरकार ने जल्दबाजी में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, लेकिन जिस विभाग से मामला जुड़ा है, उसकी बजाय किसी अन्य मंत्री ने मीडिया के सामने पक्ष रखा। उनके मुताबिक यही तथ्य बताता है कि भाजपा इस पूरे विवाद को कितनी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की चिंताओं का समाधान करने के बजाय उनका मजाक उड़ाने का काम कर रही है।

सपा प्रमुख ने आगे कहा कि युवाओं ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को पूरी तरह नकार दिया है। उनके अनुसार छात्रों ने इसे "जीरो नंबर" देकर खारिज कर दिया और इसे वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं की मांगों का जवाब ठोस कार्रवाई से दिया जाना चाहिए, केवल बयानबाजी से नहीं।

दरअसल, जेपी नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं, जबकि नीट परीक्षा और उससे जुड़े कथित पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी शिक्षा मंत्रालय के दायरे में आती है। इसी आधार पर विपक्ष लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को निशाने पर ले रहा है। विपक्षी दलों के साथ-साथ कॉकरोच जनता पार्टी भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है और साफ कर चुकी है कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेपी नड्डा ने कहा कि छात्रों के आंदोलन का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इस पूरे मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ लेने के लिए कर रही है। नड्डा ने कहा कि छात्रों की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए और इस विषय को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार संसद में नीट और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा के लिए जितना समय तय करेगा, सरकार उतनी ही गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ उसमें भाग लेगी। नड्डा के मुताबिक सरकार इस विषय पर सार्थक और विस्तृत बहस से पीछे हटने वाली नहीं है।