एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा।
मुंबई। दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि देने के लिए 14 अक्टूबर 2026 को मुंबई में प्रार्थना सभा आयोजित की गई। ‘आठवणीतले नाना’ नाम से हुए इस कार्यक्रम में मराठी फिल्म जगत की कई हस्तियां शामिल हुईं। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने भी पहुंचकर अभिनेता को याद किया और समाज के प्रति उनके योगदान की सराहना की।
प्रार्थना सभा मुंबई के प्रभादेवी स्थित पी. एल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी परिसर में आयोजित हुई। इसमें अभिनेता शिवाजी साटम, रोहिणी हट्टंगड़ी, वर्षा उसगांवकर और निर्देशक मेहुल कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। सभी ने भारतीय सिनेमा और मराठी रंगमंच में नाना पाटेकर के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
नाना पाटेकर को याद करते हुए तुकाराम मुंढे ने कहा कि वह संवेदनशील व्यक्ति थे और समाज से जुड़े मुद्दों पर उनके विचार स्पष्ट थे। उन्होंने नाना को ऐसा व्यक्ति बताया, जो खासकर गरीबों की मदद करने और उनके जीवन को बेहतर बनाने के बारे में सोचते थे। मुंढे ने कहा कि समाज के लिए नाना का योगदान महत्वपूर्ण था और उनके बताए रास्ते पर चलने की कोशिश की जानी चाहिए।
कार्यक्रम स्थल के प्रवेश द्वार पर नाना पाटेकर की मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ के किरदार पर आधारित रंगोली बनाई गई थी। यह कलाकृति उनके यादगार अभिनय को समर्पित थी। नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी फिल्मों के साथ-साथ रंगमंच पर भी अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनके दमदार अभिनय और अलग-अलग तरह के किरदारों ने उन्हें दर्शकों के बीच खास जगह दिलाई।
नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में गोवा स्थित अपने घर पर निधन हो गया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें हृदयाघात हुआ था। उनके निधन से हिंदी और मराठी फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी। पुणे के पास डोंजे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया था। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने उन्हें मुखाग्नि दी थी।
नाना पाटेकर अपने दमदार अभिनय के साथ-साथ सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते थे। उनकी प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों ने उन्हें याद करते हुए भारतीय सिनेमा और समाज के प्रति उनके योगदान को सराहा। उनका काम और उनकी यादें लंबे समय तक प्रशंसकों के बीच जीवित रहेंगी।







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