Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

नाबालिगों का ऑर्केस्ट्रा शोषण: तीन गिरोहवाले धराए

लोकल डेस्क, मुस्कान कुमारी।

मोतिहारी। पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि में पुलिस ने नाबालिग लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा में जबरन झोंकने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। छापेमारी में तीन संचालक गिरफ्तार हुए, जबकि तीन मासूमों को सुरक्षित मुक्त कराया गया।

प्रशिक्षु डीएसपी सह थानाध्यक्ष ऋषभ कुमार के नेतृत्व में मोतिहारी पुलिस की टीम ने गुप्त सूचना पर ताबड़तोड़ कार्रवाई को अंजाम दिया। धनखरैया ब्लॉक गेट के पास एक मेडिकल दुकान के पीछे बने कमरे और हरसिद्धि बाजार की नहर के किनारे किराए के मकान में छिपे इस अवैध धंधे का पर्दा फाड़ा गया। किरण म्यूजिकल ऑर्केस्ट्रा के नाम पर नाबालिगों को नाच-गाने का बहाना बनाकर शोषित किया जा रहा था।

गुप्त सूचना से शुरू हुई सनसनीखेज कार्रवाई

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी ने पुलिस को हरकत में ला दिया। दोनों जगहों पर एक साथ दबिश देकर टीम ने मौके से तीन नाबालिग लड़कियों को बरामद किया। ये बच्चियां विभिन्न इलाकों से लाई गई थीं और ऑर्केस्ट्रा में काम के नाम पर बंधक बनाई गई थीं। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य संचालक सुधांशु कुमार (पिता: अखिलेश्वर कुमार), उसके सहयोगी मुकेश कुमार (पिता: राजेंद्र सहनी) और नीलकमल कुमार (पिता: देवानंद पासवान) शामिल हैं।

प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ कुमार ने बताया, "गिरोह नाबालिगों को लुभावने वादों के साथ फंसाता था। छापेमारी के दौरान मौके से कई संदिग्ध सामान भी जब्त किए गए हैं। पूछताछ में और खुलासे होने की संभावना है।" लड़कियों को तुरंत चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के हवाले कर दिया गया, जहां उनकी काउंसलिंग और कानूनी सहायता सुनिश्चित की जा रही है।

मानव तस्करी का काला कारोबार उजागर

यह कार्रवाई पूर्वी चंपारण में बढ़ते ऑर्केस्ट्रा शोषण के सिलसिले का हिस्सा लग रही है। हाल के दिनों में जिले में ऐसी घटनाओं की संख्या में इजाफा हुआ है, जहां गरीबी और अज्ञानता का फायदा उठाकर नाबालिगों को शहर-देहात के कार्यक्रमों में धकेला जाता है। गिरोह के संचालन में स्थानीय स्तर पर नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता था, जो लड़कियों को सीमावर्ती इलाकों से भिड़ाता था।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ POCSO एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और मानव तस्करी से जुड़े प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और आयोजन स्थलों पर 'परफॉर्मेंस' के नाम पर कम उम्र की लड़कियों को उजागर करता था। वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं, ताकि जिले में ऐसी कुप्रथाओं पर पूर्ण रोक लगाई जा सके।

स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ाने की मांग

हरसिद्धि और धनखरैया जैसे ग्रामीण इलाकों में ऑर्केस्ट्रा का चलन सामाजिक बुराइयों को जन्म दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आयोजनों पर निगरानी की कमी से अपराधी फल-फूल रहे हैं। प्रशासन ने अब स्थानीय पंचायतों और एनजीओ के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया है। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "ये बच्चियां हमारे समाज का भविष्य हैं, इन्हें बचाना हमारी जिम्मेदारी है।"

पुलिस की इस साहसिक कार्रवाई से इलाके में सनसनी फैल गई है। आगे की पूछताछ से गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जिले के अन्य हिस्सों में भी ऐसी सूचनाओं पर त्वरित एक्शन का वादा किया गया है।