Ad Image
Ad Image
युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप || बिहार: विजय कुमार सिन्हा, निशांत कुमार, दिलीप जायसवाल, दीपक प्रकाश समेत 32 ने ली शपथ || बिहार में सम्राट सरकार का विस्तार, 32 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ || वोट चोरी का जिन्न फिर निकला, राहुल गांधी का EC और केंद्र सरकार पर हमला || वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत || टैगोर जयंती पर 9 मई को बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना || केरल में सरकार गठन की कवायद तेज: अजय माकन और मुकुल वासनिक पर्यवेक्षक || असम में बीजेपी जीत के हैट्रिक की ओर, 101 से अधिक पर बढ़त, कांग्रेस 23 पर सिमटी || पांच राज्यों में मतगणना जारी: बंगाल, असम में भाजपा को बढ़त, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके को बढ़त || तमिलनाडु चुनाव: एक्टर विजय की टीवीके ने किया उलटफेर, 109 सीटो पर बढ़त

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

नीतीश का राज्यसभा ऐलान: बिहार सियासत में उफान

स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी।

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य बनने की खुली इच्छा जाहिर कर दी है। सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए उन्होंने कहा कि संसदीय सफर की शुरुआत से ही यह उनकी अधूरी चाहत रही है।

नीतीश कुमार ने आज सुबह एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने बिहार की जनता के प्रति कृतज्ञता जताई। उन्होंने लिखा, "पिछले दो दशक से ज्यादा समय से बिहार की जनता ने मुझ पर भरोसा कायम रखा है। इसी विश्वास पर मैंने राज्य की सेवा की और आज बिहार विकास व सम्मान के नए रंग दिखा रहा है।" पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के दोनों सदनों का भी सदस्य बनना चाहते हैं। "इस क्रम में इस बार राज्यसभा का सदस्य बनना चाहता हूं," उन्होंने जोड़ा। यह ऐलान आते ही बिहार की राजनीति में हलचल मच गई।

नामांकन की घड़ी करीब: भाजपा नेताओं का पटना दौरा

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने का सिलसिला तेज हो चुका है। विधानसभा में नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर, निशांत और मनीष वर्मा के नामांकन रसीदें (एनआर) कट चुकी हैं। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री आज विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल करेंगे। राजनीतिक गलियारों में खबर है कि वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ नामांकन पत्र जमा करेंगे।

इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पटना पहुंचने की अटकलें जोर पकड़ रही हैं। एनडीए के एक वरिष्ठ नेता ने पुष्टि की कि शाह नामांकन के मौके पर मौजूद रहेंगे, जो इस बदलाव को राष्ट्रीय स्तर का रंग देगा। यह दौरा बिहार की सियासत में गठबंधन की मजबूती का संकेत माना जा रहा है। नामांकन प्रक्रिया सुबह से ही विधानसभा परिसर में शुरू हो चुकी है, जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

कार्यकर्ताओं का भावुक विरोध: सीएम हाउस पर हंगामा

नीतीश के राज्यसभा जाने के ऐलान ने जेडीयू कार्यकर्ताओं में गहरी भावुकता पैदा कर दी। दर्जनों समर्थक मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े और नारेबाजी शुरू कर दी। कई कार्यकर्ता आंसुओं से भीगते नजर आए, जोरदार अपील करते हुए कह रहे थे, "नीतीश बाबू बिहार के हैं, दिल्ली न जाइए।" एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा, "21 साल से सीएम हैं, अब अचानक यह फैसला? राज्य को छोड़कर मत जाइए।"

विरोध की लहर तब और तेज हुई जब भाजपा कोटे के मंत्री सुरेंद्र मेहता, जेडीयू एमएलसी संजय गांधी और विधायक प्रेम मुखिया सीएम हाउस की ओर बढ़े। नाराज कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक लिया और जोरदार नारेबाजी के बीच वापस लौटा दिया। घटना के दौरान हल्की धक्कामुक्की भी हुई, लेकिन पुलिस ने स्थिति संभाल ली। जेडीयू के एक प्रवक्ता ने इसे "भावुक प्रतिक्रिया" बताया, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की।

अधूरी हसरत पूरी: नीतीश का सियासी सफर

नीतीश कुमार का यह फैसला उनके लंबे राजनीतिक करियर में एक नया मोड़ जोड़ता है। लोकसभा, विधानसभा और विधान परिषद में अपनी सक्रियता के बावजूद राज्यसभा उनका अनसुलझा सपना रहा। 2022 में एक साक्षात्कार में उन्होंने पहली बार इस इच्छा का जिक्र किया था। अब यह पूरी होने जा रही है, लेकिन बिहार में नए मुख्यमंत्री की तलाश ने अटकलों को हवा दी है। जेडीयू के अंदरूनी स्रोतों का कहना है कि पार्टी उपाध्यक्ष निशांत या कोई अन्य वरिष्ठ नेता कमान संभाल सकते हैं।

एनडीए गठबंधन के सूत्रों के मुताबिक, नीतीश नई सरकार को पूर्ण समर्थन देंगे। "यह बदलाव बिहार के विकास को नई गति देगा," एक भाजपा नेता ने कहा। हालांकि, विपक्षी दलों ने इसे "सत्ता का खेल" करार दिया है। आरजेडी प्रवक्ता ने टिप्पणी की, "नीतीश की फ्लिप-फ्लॉप वाली राजनीति फिर शुरू हो गई।"

राज्यसभा चुनाव की यह प्रक्रिया बिहार विधानसभा के 243 सदस्यों पर निर्भर है। एनडीए के पास बहुमत होने से नामांकन आसान माना जा रहा है। लेकिन कार्यकर्ताओं की भावनाएं और सत्ता हस्तांतरण की जल्दबाजी पर सवाल उठ रहे हैं। जेडीयू विधायक सरयू राय जैसे नेताओं ने इसे "अनुचित समय" बताया, कहा कि जनता को ठीक नहीं लगेगा।

हलचल तेज: सियासी समीकरणों पर नजर

बिहार की राजनीति में यह घटनाक्रम एक बड़े उलटफेर का संकेत दे रहा है। नीतीश के दिल्ली जाने से राज्य स्तर पर नई नेतृत्व की उम्मीदें जग गई हैं। जेडीयू के भविष्य पर भी चर्चा छिड़ गई है, खासकर लोकसभा चुनावों के मद्देनजर। कार्यकर्ताओं की नाराजगी को शांत करने के लिए पार्टी ने आपात बैठक बुलाई है।

फिलहाल, सभी की निगाहें विधानसभा पर टिकी हैं। नामांकन के बाद क्या घोषणा होती है, यह तय करेगा कि बिहार का सियासी पारा कितना और चढ़ता है। राज्यसभा की चार सीटों पर चुनाव अप्रैल में होगा, लेकिन आज का दिन इतिहास रचने वाला साबित हो रहा है।