लोकल डेस्क, अभिलाष गुप्ता।
वीरगंज: नेपाल पत्रकार महासंघ मधेश प्रदेश की पाँचवीं साधारण सभा ने सात सूत्रीय घोषणापत्र जारी किया है। महोत्तरी स्थित गौतम होटल में 6 असार को आयोजित साधारण सभा में संघीयता, प्रेस स्वतंत्रता तथा पत्रकारिता की व्यावसायिक गरिमा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी आधिकारिक धारणा सार्वजनिक की गई।
घोषणापत्र में कहा गया है कि संघीय सरकार द्वारा परिपत्र के माध्यम से प्रदेश और स्थानीय सरकारों के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप किया जा रहा है, जो संघीयता की भावना और संविधान के प्रावधानों के विपरीत है। महासंघ ने ऐसे कदमों के खिलाफ प्रदेश और स्थानीय सरकारों के साथ निरंतर समन्वय एवं सहयोग करते हुए प्रतिरोध करने की बात कही है।
इसी प्रकार, निजी संचार माध्यमों को सरकारी विज्ञापनों से वंचित करने वाले सरकार के प्रेस-विरोधी परिपत्र को तत्काल खारिज करने के लिए निरंतर दबाव बनाए जाने की घोषणा की गई है। साथ ही मधेश प्रदेश सरकार के सहयोग से प्रदेश समिति तथा सभी आठ जिला शाखाओं को संस्थागत रूप से सुदृढ़ बनाने, पत्रकार हित से जुड़े कार्यक्रम संचालित करने तथा प्रेस-अनुकूल नीति, कानून और कार्यक्रम निर्माण के लिए पहल जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया गया है।
महासंघ ने स्पष्ट किया है कि पत्रकारिता आचारसंहिता के विपरीत गतिविधियों में वह किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेगा तथा ऐसे मामलों में संबंधित निकायों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई का समर्थन नहीं करेगा।
घोषणापत्र में सोशल मीडिया पर व्यक्त व्यक्तिगत विचारों को पत्रकारिता से जोड़कर गलत व्याख्या करने की प्रवृत्ति के विरुद्ध जनचेतना अभियान चलाने की बात भी कही गई है। पत्रकारिता के नाम पर होने वाली अनैतिक, गैरकानूनी और पेशागत मर्यादा के विपरीत गतिविधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित निकायों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है।
हालांकि, विभिन्न षड्यंत्रों और छल-कपट के माध्यम से पत्रकारों को फँसाने के उद्देश्य से की जाने वाली अनावश्यक गतिविधियों और कार्रवाइयों का महासंघ लगातार विरोध करता रहेगा, यह भी घोषणापत्र में उल्लेख किया गया है।
महासंघ के महासचिव शैलेन्द्र महतो ‘क्रान्ति’ द्वारा जारी घोषणापत्र में पाँचवीं साधारण सभा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, सदस्यों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। साथ ही सभी पत्रकारों से संघीयता, लोकतंत्र, प्रेस स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्ष में दृढ़तापूर्वक खड़े रहने का आह्वान किया गया है।







