नेशनल डेस्क, श्वेता प्रिया
काठमांडू | नेपाल के तराई क्षेत्र में भड़की सांप्रदायिक हिंसा ने गंभीर रूप ले लिया है। सुनसरी जिले से शुरू हुआ विवाद अब मधेश प्रदेश के कई जिलों तक फैल चुका है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कई संवेदनशील इलाकों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है और पुलिस के साथ नेपाली सेना को भी तैनात किया गया है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
जानकारी के अनुसार, सुनसरी जिले में एक धार्मिक जुलूस को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हुआ। देखते ही देखते यह झड़प हिंसक रूप ले गई और सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों व भड़काऊ संदेशों के कारण तनाव मधेश प्रदेश के सिराहा, धनुषा और आसपास के अन्य जिलों तक फैल गया। कई बाजार बंद हैं और स्कूलों में भी पढ़ाई प्रभावित हुई है।
सरकार का क्या कहना है?
नेपाल के प्रधानमंत्री बलेन्द्र शाह ने देशवासियों से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और सरकार स्थिति को सामान्य बनाने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
हिंसा को देखते हुए प्रभावित जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। कई स्थानों पर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है। भारत-नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों में भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
फिलहाल स्थिति
शुक्रवार तक कई इलाकों में कर्फ्यू जारी है। प्रशासन हालात को नियंत्रण में लाने का प्रयास कर रहा है, हालांकि स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है और सुरक्षा बल लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं।







