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नेपाल: साप्ताहिक दो दिन की छुट्टी से शैक्षणिक कार्यघंटों पर असर नहीं

विदेश डेस्क, अभिलाष गुप्ता।

रक्सौल / बीरगंज बीरगंज स्कूल ऑफ लॉ के संचालक एवं अधिवक्ता चंद्रिका प्रसाद पटेल ने नेपाल सरकार द्वारा शनिवार और रविवार को साप्ताहिक दो दिन सार्वजनिक अवकाश देने के निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने गणितीय विश्लेषण के आधार पर स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था से शैक्षणिक कार्यघंटों पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।पटेल के अनुसार, वैशाख 15 से चैत्र 14 तक के शैक्षणिक सत्र में कुल 49 रविवार पड़ते हैं। इनमें से 16 रविवार पहले ही सार्वजनिक छुट्टियों, दशैं, तिहार तथा वर्षा और शीतकालीन अवकाश के साथ मिलने के कारण स्वतः समायोजित हो चुके हैं। इस प्रकार केवल 33 रविवार ही प्रभावी रूप से शेष रहते हैं।

उन्होंने बताया कि इस अवधि में 34 शुक्रवार पठन-पाठन के दिन के रूप में उपलब्ध रहते हैं। यदि शुक्रवार को पूर्ण कक्षाएं संचालित की जाएं, तो प्रत्येक सप्ताह आधे दिन के हिसाब से कुल 17 अतिरिक्त दिन के बराबर पढ़ाई संभव हो सकती है। इस प्रकार 33 रविवारों में से 17 दिन की भरपाई हो जाती है और केवल 16 दिन शेष रहते हैं।पटेल ने यह भी कहा कि इन शेष 16 दिनों को वर्षा अवकाश में समायोजित कर लिया जाए तो कुल वार्षिक शैक्षणिक कार्यघंटों में कोई कमी नहीं आएगी। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे अनावश्यक अफवाहों और गलत व्याख्याओं से बचें तथा तथ्यों पर आधारित विश्लेषण को प्राथमिकता दें।