Ad Image
Ad Image
युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप || बिहार: विजय कुमार सिन्हा, निशांत कुमार, दिलीप जायसवाल, दीपक प्रकाश समेत 32 ने ली शपथ || बिहार में सम्राट सरकार का विस्तार, 32 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ || वोट चोरी का जिन्न फिर निकला, राहुल गांधी का EC और केंद्र सरकार पर हमला || वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत || टैगोर जयंती पर 9 मई को बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना || केरल में सरकार गठन की कवायद तेज: अजय माकन और मुकुल वासनिक पर्यवेक्षक || असम में बीजेपी जीत के हैट्रिक की ओर, 101 से अधिक पर बढ़त, कांग्रेस 23 पर सिमटी || पांच राज्यों में मतगणना जारी: बंगाल, असम में भाजपा को बढ़त, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके को बढ़त || तमिलनाडु चुनाव: एक्टर विजय की टीवीके ने किया उलटफेर, 109 सीटो पर बढ़त

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

प. एशिया संकट: वैश्विक मंदी को लेकर गुटेरेस ने चेताया

विदेश डेस्क, रानी कुमारी |

Antonio Guterres (संयुक्त राष्ट्र महासचिव) ने चेतावनी दी है कि West Asia में बढ़ता संकट अब केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल सकता है।

United Nations मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गुटेरेस ने कहा कि जैसे-जैसे संघर्ष गहराता जा रहा है, इसका असर वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और सामाजिक स्थिरता पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

उन्होंने विशेष रूप से Strait of Hormuz का उल्लेख करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में बढ़ती बाधाएं अंतरराष्ट्रीय नौवहन और तेल आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। हर गुजरते घंटे के साथ स्थिति और अधिक जटिल और खतरनाक होती जा रही है।

गुटेरेस के अनुसार, यह संकट अब अपने तीसरे महीने में प्रवेश कर चुका है। हालांकि युद्धविराम की कोशिशें जारी हैं, लेकिन वे अभी कमजोर नजर आ रही हैं और जमीनी स्तर पर तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसके दुष्परिणाम वैश्विक स्तर पर देखने को मिलेंगे। व्यापारिक मार्गों में रुकावट, ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता जैसी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे जल्द से जल्द कूटनीतिक प्रयास तेज करें, ताकि इस बढ़ते संकट को नियंत्रित किया जा सके और वैश्विक शांति व आर्थिक संतुलन बनाए रखा जा सके।