Ad Image
Ad Image
युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप || बिहार: विजय कुमार सिन्हा, निशांत कुमार, दिलीप जायसवाल, दीपक प्रकाश समेत 32 ने ली शपथ || बिहार में सम्राट सरकार का विस्तार, 32 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ || वोट चोरी का जिन्न फिर निकला, राहुल गांधी का EC और केंद्र सरकार पर हमला || वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत || टैगोर जयंती पर 9 मई को बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना || केरल में सरकार गठन की कवायद तेज: अजय माकन और मुकुल वासनिक पर्यवेक्षक || असम में बीजेपी जीत के हैट्रिक की ओर, 101 से अधिक पर बढ़त, कांग्रेस 23 पर सिमटी || पांच राज्यों में मतगणना जारी: बंगाल, असम में भाजपा को बढ़त, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके को बढ़त || तमिलनाडु चुनाव: एक्टर विजय की टीवीके ने किया उलटफेर, 109 सीटो पर बढ़त

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

पहलगाम हमले में शहीद टट्टू चालक की पत्नी को मिली सरकारी नौकरी, मनोज सिन्हा ने सौंपा नियुक्ति पत्र

नेशनल डेस्क, श्रेया पांडेय |

पहलगाम आतंकी हमले में शहीद टट्टू चालक की पत्नी को मिली सरकारी नौकरी, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सौंपा नियुक्ति पत्र

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले टट्टू चालक आदिल शाह की पत्नी गुलनाज अख्तर को अब सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को अनंतनाग जिले के हापतनार इलाके में गुलनाज के घर पहुंचकर उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा।

यह फैसला जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा शहीदों के परिजनों को सम्मान और सहयोग देने की नीति के तहत लिया गया है। उपराज्यपाल ने इस मौके पर कहा कि आदिल शाह ने कर्तव्य के प्रति अपनी निष्ठा और साहस का परिचय दिया, और उनकी कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने आगे कहा, "सरकार आदिल जैसे बहादुर नागरिकों के परिवारों के साथ खड़ी है, और हम हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

गौरतलब है कि जून 2024 में हुए इस आतंकी हमले में आदिल शाह उस समय घायल हो गए थे जब वे यात्रियों को टट्टू पर बैठाकर अमरनाथ यात्रा मार्ग पर सेवा दे रहे थे। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई थी। आदिल एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और उनके जाने के बाद परिवार पर गहरा संकट आ गया था।

गुलनाज अख्तर की नियुक्ति जिला प्रशासन के तहत एक सरकारी विभाग में की गई है। इससे न सिर्फ उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा, बल्कि परिवार के लिए भी राहत की स्थिति उत्पन्न होगी।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह कदम अन्य परिवारों के लिए भी एक संदेश है कि सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और उनके परिजनों की भलाई के लिए सजग और जिम्मेदार है।

इस अवसर पर प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। कार्यक्रम का माहौल भावुक था, लेकिन साथ ही एक सकारात्मक संदेश भी लेकर आया – कि कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाती।