विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बीते 48 घंटों के दौरान उग्र हिंसा और सैन्य टकराव में अब तक 80 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। यह हालिया वर्षों में प्रांत में हुआ सबसे बड़ा हिंसक घटनाक्रम माना जा रहा है। पाकिस्तानी अधिकारियों और सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक हालात पर काबू पाने के लिए सेना ने व्यापक स्तर पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने कथित तौर पर ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के दूसरे चरण के तहत कई शहरों में हमले किए। इन हमलों में पुलिस चौकियों, अर्धसैनिक बलों के ठिकानों और अहम बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया। क्वेटा, ग्वादर, मकरान, हब, चमन और नुश्की सहित कई इलाके हिंसा की चपेट में आए।
सरकारी बयान के अनुसार सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में 70 उग्रवादी मारे गए हैं, जबकि 10 पुलिस और फ्रंटियर कोर के जवानों की जान गई है। इसके अलावा ग्वादर के पास एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या की भी पुष्टि हुई है।
BLA ने हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए 14 शहरों में 48 स्थानों पर हमले करने का दावा किया है, हालांकि सेना ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे दुष्प्रचार बताया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस बार उग्रवादियों ने आत्मघाती दस्तों का भी इस्तेमाल किया।
हिंसा के चलते सड़क और रेल संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, जबकि प्रमुख राजमार्गों पर यातायात बाधित रहा। एहतियातन कुछ इलाकों में ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार बलूचिस्तान में बढ़ती अशांति के पीछे चीन–पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा असंतोष एक बड़ा कारण माना जा रहा है। एक स्वतंत्र रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में पाकिस्तान में आतंकी घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।







