विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
लंदन। ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी के नेता और सांसद बॉब ब्लैकमैन ने पाकिस्तान में हिंदू समुदाय के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने ब्रिटिश सरकार से सवाल किया कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। ब्लैकमैन ने कहा कि दक्षिण एशियाई देश में रहने वाले हिंदू इस समय गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने ब्रिटिश संसद में इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से अल्पसंख्यकों की स्थिति पर जवाब देने की मांग की। उनका कहना है कि धार्मिक आधार पर उत्पीड़न का सामना कर रहे समुदायों की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
ब्लैकमैन ने बताया कि ब्रिटिश हिंदुओं के लिए गठित 'सर्वदलीय संसदीय समूह' को 'इनसाइट यूके' नामक एक एडवोकेसी संगठन की ओर से रिपोर्ट मिली है। इस रिपोर्ट में पाकिस्तान में हिंदू समुदाय की स्थिति और उनके सामने आ रही गंभीर चुनौतियों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में दी गई जानकारियां बेहद चिंताजनक हैं और उन्हें पढ़ना भी भयावह है। इसके आधार पर उन्होंने पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ हो रहे व्यवहार को गंभीर मानवीय और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने ब्रिटिश सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने और वहां रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
सांसद ने ब्रिटिश संसद में सदन के नेता से अनुरोध किया कि विदेश सचिव या विदेश मंत्रालय के किसी अन्य मंत्री को सदन में बुलाया जाए, ताकि सरकार इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सके। उन्होंने कहा कि संबंधित मंत्री संसद को बताएं कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए ब्रिटिश सरकार क्या प्रयास कर रही है। ब्लैकमैन ने जोर देकर कहा कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल ब्रिटेन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन देशों में भी उनकी रक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने चाहिए, जहां धार्मिक समुदायों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
'इनसाइट यूके' की हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान में हिंदुओं को व्यवस्थित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामी चरमपंथी हिंदू समुदाय के पूजा स्थलों और उनकी आजीविका पर हमले कर रहे हैं। इससे वहां रहने वाले अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता, सुरक्षा और जीवनयापन पर गंभीर असर पड़ रहा है। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तानी अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन घटनाओं को लेकर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं और स्थिति पर आंखें मूंदे हुए हैं।
रिपोर्ट में पाकिस्तान में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे कथित अत्याचारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि यदि समय रहते इस स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो वहां बचे हुए धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए मानवीय हालात और खराब हो सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन समुदायों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए वैश्विक स्तर पर दबाव बनाने की जरूरत है, ताकि उनकी स्थिति पूरी तरह से बिगड़ने से रोकी जा सके। वहीं, बॉब ब्लैकमैन ने भी ब्रिटिश सरकार से इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने और पाकिस्तान में हिंदुओं सहित अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए ठोस प्रयास करने की मांग की है।







