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पीयूष गोयल ने एआई डीपफेक पर दर्ज कराई शिकायत

नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी।

फर्जी वीडियो में छात्रों को धमकी देने का आरोप, एफआईआर दर्ज

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को एक एआई-जनित डीपफेक वीडियो के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। इस वीडियो में उन्हें एनईईटी परीक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ धमकी भरे बयान देते दिखाया गया था।  

गोयल ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत का मूल फुटेज एआई तकनीक से काटकर-जोड़कर फर्जी वीडियो बनाया गया। इसमें उनके मुंह से ऐसे शब्द लगवाए गए जो उन्होंने कभी नहीं कहे। उन्होंने साफ कहा कि यह जानबूझकर जनता को गुमराह करने की साजिश है।  

चणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 123/26 दर्ज हो चुकी है। गोयल ने चेतावनी दी कि इस फर्जी वीडियो को बनाने, फैलाने या बढ़ावा देने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “कृत्रिम बुद्धिमत्ता का गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल कर जनता को गुमराह करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”  

सरकारी सूत्रों के अनुसार यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है। गोयल ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई धमकी नहीं दी थी। मूल बातचीत में उन्होंने एनईईटी मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा था। उन्होंने बताया कि वे सदन में बयान देना चाहते थे, लेकिन विपक्षी सदस्यों के बार-बार व्यवधान के कारण ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने विपक्ष पर सभापति के प्रति असम्मान का आरोप भी लगाया था।  

सोशल मीडिया पर यह डीपफेक क्लिप तेजी से फैली। इसमें दावा किया गया कि गोयल छात्रों को धमका रहे हैं। सरकार का कहना है कि प्रचार तंत्र के जरिए इसे फैलाया जा रहा था ताकि एनईईटी विवाद को और भड़काया जा सके।  

गोयल ने नागरिकों, खासकर युवाओं से अपील की कि वे सिर्फ सत्यापित स्रोतों पर भरोसा करें। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत के जागरूक और तकनीकी रूप से समझदार नागरिक ऐसी गलत सूचना के शिकार नहीं होंगे।  

यह घटना एनईईटी परीक्षा को लेकर चल रहे देशव्यापी प्रदर्शनों के बीच हुई है। छात्रों और अभिभावकों की मांगों के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है। गोयल का मूल बयान संसद के बाहर दिए गए मीडिया इंटरैक्शन का हिस्सा था, जिसमें उन्होंने सरकार की स्थिति स्पष्ट की थी।  

पुलिस अब वीडियो के स्रोत, उसे बनाने वाले और फैलाने वाले लोगों की पहचान कर रही है। डिजिटल सबूतों की जांच चल रही है। गोयल ने दोहराया कि गलत सूचना फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।