लोकल डेस्क, एन के सिंह।
बुनियादी ढांचा, तकनीक और जन-सेवा पर ज़ोर
विकास योजनाओं का शिलान्यास और औद्योगिक प्रगति
अब थाने और कार्यालयों में सोमवार और शुक्रवार को जनसुनवाई अनिवार्य होगी, शिकायतों के समाधान की जानकारी डाक के जरिए सीधे पीड़ित के घर भेजी जाएगी।
पूर्वी चंपारण: जिले के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए 138 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का खाका तैयार किया गया है, जिसमें से 34 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। सरकार का विशेष ध्यान तकनीक और शिक्षा पर है, जिसके तहत आईटीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का गहन निरीक्षण किया गया। यहाँ विशेष रूप से रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी ली गई ताकि युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार किया जा सके। इसके साथ ही उद्योग विभाग के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों से संवाद किया गया, जहाँ उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और जिले में व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।
कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
परिवहन और संपर्क को बेहतर बनाने के लिए एयरपोर्ट के निर्माण के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, ऐतिहासिक घुड़दौड़ पोखर के जीर्णोद्धार की योजना पर भी बल दिया गया है ताकि जल संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। पुल निर्माण की दिशा में मजुराहा पुल का निरीक्षण किया गया, जिसका 50% कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा इब्राहिमपुर, बलुआ और गोवा वाली में पुल निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। बाढ़ सुरक्षा के मद्देनजर बरहरवा, लखनसेन और चिरैया सहित बागमती नदी पर तटबंध निर्माण के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का कायाकल्प
जिले की सांस्कृतिक पहचान को संजोने के लिए सोमेश्वर मंदिर और सीताकुंड में विकास कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं। समीक्षा बैठक में विश्व प्रसिद्ध विराट रामायण मंदिर में शिवलिंग की स्थापना और चारदीवारी के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने के लिए पावर स्टेशन रोड का निर्माण, मोबाइल कनेक्टिविटी में सुधार और सुरक्षा के लिए पुलिस स्टेशन बनाने की योजना है। इस बैठक में मुख्य सचिव और डीजीपी समेत तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासनिक सुधार और जन-सुनवाई: एसपी स्वर्ण प्रभात की नई पहल
पुलिस और प्रशासन को आम जनता के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने के लिए एसपी स्वर्ण प्रभात ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब पुलिस और प्रशासन का चेहरा अधिक मानवीय होगा, जिसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं,
जन-सुनवाई और उपस्थिति: हर सोमवार और शुक्रवार को सभी पदाधिकारी अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में मौजूद रहकर आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे। यदि मुख्य अधिकारी अनुपस्थित हैं, तो उनकी जगह अधिकृत पदाधिकारी जनता की सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगे।
शिकायतों का पारदर्शी समाधान: थाने या कार्यालय में आवेदन देने के बाद आम नागरिक को रिसीविंग दी जाएगी। मामले में क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी अब डाक (Post) के माध्यम से सीधे आवेदक के घर भेजी जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
अंतिम संस्कार और सम्मान: मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए हर पंचायत में शवदाह गृह बनाने और मृत्यु प्रमाण पत्र के वितरण की सुगम व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक को सम्मान के साथ विदाई मिल सके।
व्यवहार और सुरक्षा: पुलिस अधिकारियों को आम जनों के साथ शालीन व्यवहार करने की हिदायत दी गई है। साथ ही, मंदिर परिसरों की सुरक्षा के लिए वहां थाना खोलने का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के सचिव कौशल किशोर, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक, तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह, पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल एवं पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।







