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पेपर लीक के खिलाफ जेन-जी को सड़क पर उतरना होगा: अरविंद केजरीवाल

नेशनल डेस्क , रानी कुमारी

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र और भाजपा शासित राज्यों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने युवाओं, खासकर ‘जेन-जी’ से अपील करते हुए कहा कि अब पेपर लीक जैसे “घिनौने खेल” को बंद कराने के लिए सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का समय आ गया है।

बुधवार को आयोजित एक वर्चुअल संवाद कार्यक्रम में केजरीवाल ने नीट पेपर लीक विवाद को लेकर युवाओं से सीधे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक ने देश के लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत करने वाले छात्र परीक्षा से पहले ही सिस्टम की गड़बड़ियों का शिकार हो जाते हैं, जिससे उनका मनोबल टूटता है।

केजरीवाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अगर नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों में युवा सरकार बदल सकते हैं, तो भारत के युवा भी पेपर लीक में शामिल लोगों को कानून के कठघरे तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब केवल सोशल मीडिया पर नाराजगी जताने से काम नहीं चलेगा, बल्कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठानी होगी।

आप प्रमुख ने आरोप लगाया कि अधिकांश बड़े पेपर लीक मामले भाजपा शासित राज्यों में सामने आए हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर हर बार जांच एजेंसियों को मामला सौंपने के बावजूद दोषियों को सजा क्यों नहीं मिलती। उनके अनुसार, हर बार सीबीआई जांच की घोषणा कर दी जाती है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ठोस परिणाम सामने नहीं आते।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग पेपर लीक को केवल “सिस्टम फेल” बताकर असली दोषियों को बचाने की कोशिश करते हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि इस पूरे नेटवर्क में प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता हो सकती है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

केजरीवाल ने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून बनाए जाएं और पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।