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प्रदर्शन कवर करने वाले पत्रकारों के लिए दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी

नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।

नई दिल्ली। राजधानी में विरोध-प्रदर्शनों की कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए दिल्ली पुलिस ने नई एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने पत्रकारों से प्रदर्शन स्थल पर अपनी पहचान स्पष्ट रखने और पुलिस की कार्रवाई या कानून-व्यवस्था संभालने वाले जवानों की आवाजाही में किसी तरह की बाधा नहीं डालने की अपील की है। पुलिस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि खबर महत्वपूर्ण है, लेकिन उसे हासिल करने का तरीका भी उतना ही मायने रखता है।

पुलिस ने प्रदर्शन की कवरेज के लिए मौके पर पहुंचने वाले पत्रकारों से अपने संस्थान की ओर से जारी वैध पहचान पत्र साथ रखने को कहा है। इसके अलावा जिन पत्रकारों के पास वैध पीआईबी या डीआईपी मान्यता कार्ड है, वे उसे भी अपने साथ रख सकते हैं। पुलिस ने सलाह दी है कि पत्रकार अपना पहचान पत्र ऐसी जगह प्रदर्शित करें, जहां प्रदर्शन स्थल पर कानून-व्यवस्था संभाल रहे सुरक्षाकर्मी उसे आसानी से देख सकें और पत्रकार की पहचान स्पष्ट रूप से कर सकें।

एडवाइजरी में पत्रकारों को यह भी कहा गया है कि प्रदर्शन की रिपोर्टिंग के दौरान उनकी मौजूदगी या गतिविधियों से पुलिस के कामकाज में किसी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लगे जवानों की आवाजाही भी पत्रकारों की वजह से प्रभावित नहीं होनी चाहिए। पुलिस ने खास तौर पर तनावपूर्ण परिस्थितियों में पत्रकारों को घटनास्थल से सुरक्षित और उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है, ताकि वे अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए खुद भी सुरक्षित रहें और पुलिस की कार्रवाई में बाधा भी न आए।

पुलिस ने पत्रकारों को तनावपूर्ण हालात में अपनी स्थिति ऐसी जगह रखने की सलाह दी है, जहां वे प्रदर्शनकारियों से अलग और स्पष्ट रूप से नजर आएं। इसके पीछे पुलिस का कहना है कि इससे मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को पत्रकारों और प्रदर्शन में शामिल लोगों के बीच अंतर पहचानने में आसानी होगी। पुलिस के मुताबिक, पहचान स्पष्ट रहने और उचित दूरी बनाए रखने से प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने में तैनात बल के लिए स्थिति को समझना आसान हो सकता है।

यह एडवाइजरी तीन महिला पत्रकारों की शिकायतों के कुछ दिन बाद जारी की गई है। इन महिला पत्रकारों ने तीन अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन की कवरेज के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। मामले में नई दिल्ली जिला पुलिस को शिकायतें मिली थीं। इसके बाद पुलिस ने शिकायतों को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेजने की जानकारी दी थी।

पुलिस की ओर से रविवार को एक्स पर बताया गया था कि तीनों महिला पत्रकारों की ओर से लगाए गए आरोपों को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, शिकायतों को निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के उद्देश्य से क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित किया गया है। इस मामले में शिकायतों और लगाए गए आरोपों की जांच आगे की जा रही है। इसी घटनाक्रम के बीच प्रदर्शन की कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए पुलिस ने पहचान और सुरक्षा से जुड़ी यह सलाह जारी की है।

आरोप सामने आने के बाद कई स्वतंत्र पत्रकारों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया था। प्रदर्शनकारी पत्रकारों ने कथित तौर पर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले में कार्रवाई की मांग की थी। इसी पृष्ठभूमि में जारी नई एडवाइजरी में पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर पत्रकारों की पहचान स्पष्ट रखने, पुलिस की कार्रवाई में बाधा नहीं डालने और तनावपूर्ण स्थिति में उचित दूरी बनाए रखने पर जोर दिया है।