प्रदेश में लगभग 100 बंद इंडस्ट्रियल यूनिट फिर होंगे चालू, 800 करोड़ निवेश का रास्ता साफ
स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।
औद्योगिक क्रांति के लिए तैयार है बिहार, बंद पड़े 100 इंडस्ट्रियल यूनिट को चालू करने की कवायद तेज
नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से लगभग 100 बंद औद्योगिक इकाइयों के पुनः संचालन
600–800 करोड़ रुपये के निवेश एवं रोजगार सृजन की संभावना
17 फरवरी, पटना प्रदेश में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम कर रही डबल इंजन की सरकार ने बंद बड़े औद्योगिक इकाइयों को शुरू करने का सुनहरा मौका दिया है। जिसमें बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (बियाडा) ने एमनेस्टी पॉलिसी–2025 और एग्जिट पॉलिसी–2025 को लागू करके प्रदेश में लगभग 100 बंद पड़े इंडस्ट्रियल यूनिट को दोबारा चालू करने का विंडो प्रदान कर रही है। बिहार सरकार के एमनेस्टी-एग्जिट पॉलिसी का मकसद राज्य में बंद और विवादित इंडस्ट्रियल यूनिट्स को फिर से चालू करना और नए इन्वेस्टमेंट के लिए इनएक्टिव जमीन को फिर से उपलब्ध कराना है। विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस पॉलिसी को असरदार तरीके से लागू करने से लगभग 100 इंडस्ट्रियल यूनिट्स के विवाद को सुलझाया जा चुका है। साथ ही करीब 100 एकड़ इंडस्ट्रियल जमीन को फिर से निवेश के लिए तैयार किया जा रहा है। इस पॉलिसी की मदद से प्रदेश में औद्योगिक क्रांति को नया आयाम प्रदान करने की सुविधा दी जा रही है।
600-800 करोड़ निवेश की संभावना
उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा के एमडी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में एक रिव्यू मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें इन आवेदकों को रिव्यू करने के बाद कई जरूरी फैसले लिए गये। जिसमें राज्य में बंद पड़े इन यूनिट्स के एक्टिव होने से प्रदेश में 600-800 करोड़ रुपये के निवेश का दरवाजा खुल जायेगा। इससे बिहार में औद्योगिक क्रांति के साथ-साथ लोगों को रोजगार के नये अवसर प्राप्त होंगे।
बंद कारखानों को चालू करने के लिए 31 मार्च तक करें आवेदन
बता दें कि राज्य में बंद पड़े कारखानों को दोबारा चालू करने के लिए योग्य आवेदक 31 मार्च तक चालू कर सकेंगे।






