Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर 2026: आवेदन शुरू

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार |

प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर योजना 2026 के लिए आवेदन शुरू, वैश्विक भारतीय शोधकर्ताओं को मिलेगा अवसर

नई दिल्ली। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (पीएमआरसी) योजना 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में कार्यरत भारतीय मूल के उत्कृष्ट शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और पेशेवरों को भारत के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं और अनुसंधान केंद्रों से जोड़ना है।

मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के माध्यम से वैश्विक भारतीय प्रतिभाओं को भारत के तेजी से विकसित हो रहे अनुसंधान, नवाचार, प्रौद्योगिकी और विकास तंत्र से जोड़ा जाएगा। योजना के तहत राष्ट्रीय महत्व के 13 प्रमुख क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

इन क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं मेडिकल टेक्नोलॉजी, जैव प्रौद्योगिकी, उन्नत सामग्री एवं महत्वपूर्ण खनिज, अंतरिक्ष एवं रक्षा, अगली पीढ़ी की संचार तकनीक, विनिर्माण एवं इंडस्ट्री 4.0, कृषि एवं खाद्य प्रौद्योगिकी, ब्लू इकोनॉमी तथा परमाणु ऊर्जा शामिल हैं।

योजना के तहत चयनित पीएमआरसी फेलोज़ को फेलोशिप और अनुसंधान अनुदान, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं एवं अनुसंधान अवसंरचना तक पहुंच तथा देश के अग्रणी सरकारी संस्थानों के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा। वहीं, मेजबान संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग, वैश्विक विशेषज्ञों के साथ सहभागिता और अनुसंधान एवं नवाचार गतिविधियों के विस्तार का लाभ प्राप्त होगा।

पीएमआरसी योजना के अंतर्गत तीन श्रेणियों में अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें प्रारंभिक करियर के शोधकर्ताओं के लिए यंग रिसर्च फेलो, अनुभवी शोधकर्ताओं के लिए सीनियर रिसर्च फेलो तथा वैश्विक स्तर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के लिए रिसर्च चेयर शामिल हैं।

योजना के लिए भारतीय मूल के शोधकर्ता, वैज्ञानिक और पेशेवर पात्र होंगे। इसमें विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिक, ओसीआई कार्डधारक और भारतीय मूल के अन्य व्यक्ति शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य विश्व के अग्रणी विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों में कार्यरत भारतीय मूल के विशेषज्ञों को भारत की अनुसंधान एवं नवाचार गतिविधियों से जोड़ना है।

मंत्रालय ने बताया कि फेलोशिप और मेजबान संस्थानों के लिए आवेदन एक जून से पीएमआरसी पोर्टल पर शुरू हो चुके हैं। विस्तृत दिशा-निर्देश, पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।