स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के करछना क्षेत्र में सोमवार देर शाम दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग की डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) अपलाइन पर समय रहते सतर्कता बरतने से एक बड़ा रेल हादसा टल गया। भीषण गर्मी के कारण रेलवे ट्रैक की पटरी क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन आसपास मौजूद दो स्थानीय युवकों ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए आने वाली ट्रेन को खतरे वाले स्थान तक पहुंचने से पहले ही रुकवा दिया। उनकी त्वरित कार्रवाई से संभावित दुर्घटना टल गई और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
यह घटना हरदुआ रामपुर गांव के सामने औद्योगिक थाना क्षेत्र में हुई। जानकारी के अनुसार, एक मालगाड़ी के गुजरने के दौरान रेलवे ट्रैक से तेज आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर पास में रहने वाले सुनील कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे और ट्रैक का निरीक्षण किया। जांच के दौरान उन्होंने देखा कि पटरी से जुड़ी स्लीपर क्लिप टूटकर दूर जा गिरी थीं और रेल लाइन में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिससे ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन जोखिम भरा हो सकता था।
इसी बीच सुनील के साथी सुरेश भी मौके पर पहुंच गए। दोनों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए तुरंत लाल रंग का रुमाल लेकर ट्रैक पर खड़े होकर आने वाली ट्रेन को रुकने का संकेत देना शुरू कर दिया। चालक ने समय रहते उनका इशारा देख लिया और ट्रेन को क्षतिग्रस्त हिस्से तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। यदि कुछ और देर हो जाती तो बड़ा रेल हादसा हो सकता था।
ट्रेन रुकने के बाद घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर दी गई। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) तथा रेलवे के तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त रेल लाइन का निरीक्षण किया और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मरम्मत कार्य शुरू कराया, ताकि ट्रैक को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाया जा सके।
रेलवे की तकनीकी टीम ने करीब एक घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त पटरी की मरम्मत पूरी कर ली। ट्रैक की जांच के बाद उसे पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया गया, जिसके बाद रेल संचालन को दोबारा सामान्य किया गया। मरम्मत के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
डीएफसीसीआईएल के महाप्रबंधक (संचालन एवं व्यवसाय विकास) मन्नू प्रकाश दुबे ने बताया कि करछना के पास डीएफसी अपलाइन पर पटरी में तकनीकी समस्या यानी गैप होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही रेलवे की टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए खराबी को पूरी तरह दूर कर दिया। इसके बाद इस मार्ग पर मालगाड़ियों का संचालन सुरक्षित रूप से फिर से शुरू कर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि समय पर मिली सूचना और स्थानीय युवकों की सतर्कता से एक संभावित बड़ा रेल हादसा टालने में सफलता मिली।







