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प्रसिद्ध अर्थशास्त्री नीलकंठ मिश्रा बने विश्व बैंक में भारत के नए कार्यकारी निदेशक; केंद्र सरकार ने लगाई मुहर

नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय 

नई दिल्ली: भारतीय नीति निर्धारण और वैश्विक वित्तीय कूटनीति के क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है।

केंद्र सरकार ने देश के जाने-माने अर्थशास्त्री और बाजार रणनीतिकार नीलकंठ मिश्रा को अमेरिका के वाशिंगटन डीसी स्थित विश्व बैंक (World Bank) मुख्यालय में भारत का नया कार्यकारी निदेशक (Executive Director) नियुक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने आधिकारिक तौर पर इस महत्वपूर्ण पद के लिए उनके नाम को मंजूरी दे दी है। सरकारी आदेश के अनुसार, नीलकंठ मिश्रा का यह कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्ष की अवधि या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, के लिए प्रभावी होगा।  

नीलकंठ मिश्रा इस रणनीतिक पद पर 1981 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस (IAS) अधिकारी परमेश्वरन अय्यर का स्थान लेंगे, जो फरवरी 2023 से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, जब तक नीलकंठ मिश्रा औपचारिक रूप से वाशिंगटन जाकर अपना कार्यभार नहीं संभाल लेते, तब तक परमेश्वरन अय्यर का कार्यकाल इस पद पर आगे बढ़ाया गया है, ताकि विश्व बैंक में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व का काम सुचारू रूप से चलता रहे। विश्व बैंक में कार्यकारी निदेशक का यह पद बेहद खास माना जाता है, क्योंकि भारत के साथ-साथ यह पद पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका का प्रतिनिधित्व भी करता है। वैश्विक विकास नीतियों, बुनियादी ढांचे के निवेश और वित्तीय रणनीतियों को तय करने में इस पद की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है।  

अगर नीलकंठ मिश्रा के पेशेवर सफर और शैक्षणिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें, तो वह देश के सबसे योग्य और प्रतिभाशाली अर्थशास्त्रियों में गिने जाते हैं। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में स्नातक किया है, जहां वे अपनी शानदार प्रतिभा के लिए 'डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल' से सम्मानित हो चुके हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रतिष्ठित आईआईटी प्रवेश परीक्षा (IIT-JEE) में अखिल भारतीय स्तर पर चौथी रैंक (AIR 4) हासिल की थी। तकनीकी क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने वित्तीय बाजार और मैक्रोइकॉनॉमिक्स (समष्टि अर्थशास्त्र) के क्षेत्र में अपना एक विशिष्ट स्थान बनाया। वर्तमान में वे एक्सिस बैंक (Axis Bank) के मुख्य अर्थशास्त्री (Chief Economist) और एक्सिस कैपिटल में वैश्विक अनुसंधान के प्रमुख (Head of Global Research) के रूप में कार्यरत हैं। एक्सिस ग्रुप से जुड़ने से पहले उन्होंने लगभग दो दशकों तक क्रेडिट सुइस (Credit Suisse) के साथ मैनेजिंग डायरेक्टर और एशिया-पैसिफिक इक्विटी स्ट्रेटजी के सह-प्रमुख के रूप में काम किया है। 

निजी क्षेत्र के साथ-साथ भारत सरकार की विभिन्न सार्वजनिक नीतियों और समितियों में भी उनका योगदान बेहद सराहनीय रहा है। वे प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) में एक अंशकालिक सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जो सीधे प्रधानमंत्री को आर्थिक मुद्दों पर सलाह देती है। इसके अतिरिक्त, वे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI - आधार) के अंशकालिक अध्यक्ष और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के अंशकालिक सदस्य भी हैं। उन्होंने जीएसटी (GST) पर बनी राजस्व तटस्थ दर (RNR) समिति, राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) समीक्षा समिति, तथा 15वें और 16वें वित्त आयोग के सलाहकार परिषद में भी अपनी सेवाएं दी हैं।  

नीलकंठ मिश्रा की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी आर्थिक आवाज को और मजबूत करना चाहता है। विश्व बैंक के बोर्ड में उनका बैठना न केवल भारत के आर्थिक हितों को बढ़ावा देगा, बल्कि विकासशील देशों के लिए वैश्विक फंडिंग, गरीबी उन्मूलन और सतत विकास के एजेंडे को आकार देने में भी भारत की भूमिका को और सशक्त करेगा। उनके विशाल कॉर्पोरेट अनुभव, तकनीकी समझ और नीतिगत विशेषज्ञता का लाभ अब वैश्विक स्तर पर देखने को मिलेगा।