Ad Image
Ad Image
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया || PM के आवास के बाहर पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर धरने पर राहुल गांधी || PM मोदी के आवास के बाहर धरने पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज || अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

‘बंटवारा 1947’ पर बोले सनी देओल

एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा।

मुंबई। अभिनेता सनी देओल की आगामी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। फिल्म के रिलीज से पहले सनी देओल ने अपने किरदार और विभाजन के दौर से जुड़ी अपनी पारिवारिक यादों के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि उस समय की परिस्थितियां बेहद अस्थिर थीं और चारों ओर भ्रम और अविश्वास का माहौल था।

‘बंटवारा 1947’ में सनी देओल सिकंदर मिर्जा की भूमिका निभा रहे हैं। खास बात यह है कि इससे पहले वह ‘गदर’ श्रृंखला में तारा सिंह का किरदार निभाकर विभाजन की पृष्ठभूमि वाली कहानी का हिस्सा रह चुके हैं। हालांकि, सनी देओल ने स्पष्ट किया कि दोनों फिल्मों के उनके किरदार एक-दूसरे से काफी अलग हैं। उनके मुताबिक, तारा सिंह एक मजबूत और रोमांटिक नायक है, जबकि सिकंदर मिर्जा की कहानी एक परिवार और विभाजन के दौरान उसके सामने आई परिस्थितियों पर केंद्रित है।

अभिनेता ने बताया कि ‘बंटवारा 1947’ में सिकंदर मिर्जा और उसका परिवार भारत की आजादी के समय खुश था, लेकिन देश के विभाजन ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। फिल्म इसी परिवार की यात्रा और उन परिस्थितियों को सामने लाती है, जिनसे विभाजन के दौरान आम लोगों को गुजरना पड़ा। सनी देओल के अनुसार, यह कहानी केवल एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि उस दौर में प्रभावित हुए कई परिवारों की भावनाओं को दर्शाती है।

सनी देओल ने बातचीत के दौरान विभाजन से जुड़ी अपने परिवार की यादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने परिवार के बुजुर्गों से उस दौर की घटनाओं और परिस्थितियों के बारे में सुना है। अभिनेता ने कहा कि उस समय हालात इतने अनिश्चित थे कि लोगों के बीच अविश्वास और असमंजस का माहौल पैदा हो गया था। इन व्यक्तिगत और पारिवारिक अनुभवों ने भी विभाजन की कहानी को उनके लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण बनाया है।

फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है और इसका निर्माण आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले किया गया है। फिल्म में सनी देओल के साथ प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, करण देओल और अली फजल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। ‘बंटवारा 1947’ सनी देओल और राजकुमार संतोषी की दोबारा साथ वापसी भी है। दोनों इससे पहले ‘घायल’, ‘दामिनी’ और अन्य चर्चित फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं।

‘बंटवारा 1947’ पहले ‘लाहौर 1947’ के नाम से चर्चा में थी। फिल्म की कहानी 1947 में भारत के विभाजन के दौरान एक परिवार के अनुभवों पर आधारित है। सनी देओल ने बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि फिल्म के जरिए उस दौर की मानवीय कहानी और आम परिवारों पर पड़े विभाजन के प्रभाव को सामने लाने की कोशिश की गई है। उन्होंने नई पीढ़ी से भी इस ऐतिहासिक दौर को समझने और फिल्म देखने की अपील की।

अब फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों की नजरें 14 अगस्त पर टिकी हैं। ‘गदर’ में विभाजन के दौर से जुड़े तारा सिंह के किरदार के बाद सनी देओल को एक बार फिर इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में देखना दिलचस्प होगा। हालांकि, अभिनेता के मुताबिक तारा सिंह और सिकंदर मिर्जा दो बिल्कुल अलग तरह के किरदार हैं, इसलिए दोनों फिल्मों की कहानियों और उनके किरदारों की तुलना सीमित तौर पर ही की जानी चाहिए।