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बागेश्वर धाम में बड़ा हादसा: पंडाल गिरने से एक श्रद्धालु की मौत, 8 घायल

नेशनल डेस्क, वेरोनिका राय।​​​

बागेश्वर धाम में बड़ा हादसा: पंडाल गिरने से एक श्रद्धालु की मौत, आठ घायल; तेज बारिश और आंधी बनी वजह

प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां पंडाल का एक हिस्सा गिरने से एक श्रद्धालु की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। हादसा सुबह लगभग 7 बजे आरती के तुरंत बाद हुआ, जब अचानक तेज बारिश और आंधी शुरू हो गई। भारी बारिश से बचने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु पंडाल और उसके आसपास बने वॉटरप्रूफ शेड के नीचे इकट्ठा हो गए थे। तभी टेंट का एक हिस्सा भारी पानी और तेज हवा के दबाव में गिर गया, जिससे कई लोग उसके नीचे दब गए।

मृतक की पहचान छतरपुर निवासी श्यामलाल कौशल के रूप में हुई है। हादसे के वक्त वह अपने परिवार के साथ बालाजी दरबार में दर्शन के लिए पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शी और घायल राजेश ने बताया कि "हमें बागेश्वर धाम में दर्शन करने जाना था। अचानक बारिश होने लगी तो हम पंडाल के नीचे खड़े हो गए। पानी रुकते ही अचानक पंडाल गिर पड़ा और अफरा-तफरी मच गई। हमने किसी तरह भागकर जान बचाई। मेरे ससुर श्यामलाल जी के सिर पर लोहे का पाइप लग गया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।"

घायलों में मृतक की पत्नी सौम्या, बेटियां पारुल और उन्नति, पड़ोसी आर्यन और कमला शामिल हैं। सभी को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चार की हालत गंभीर बताई जा रही है जबकि चार को मामूली चोटें आई हैं।

हादसे के वक्त पंडाल के नीचे करीब 15 से 20 लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों और सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि पंडाल के ऊपर वॉटरप्रूफ टेंट लगाया गया था, जिसमें पानी भरने के कारण वजन काफी बढ़ गया। तेज हवा और दबाव के कारण टेंट का एक हिस्सा लोहे के ढांचे सहित गिर पड़ा।

थाना प्रभारी बमीठा, आशुतोष श्रुतिया ने बताया, "घटना सुबह 7 बजे के आसपास की है। दरबार हॉल के सामने वॉटरप्रूफ टेंट लगा था, जिसमें भारी बारिश के कारण पानी भर गया था। तेज हवा और दबाव के चलते टेंट का एक हिस्सा गिर पड़ा, जिससे एक व्यक्ति की जान चली गई और 8 घायल हुए हैं। इनमें से 4 की हालत गंभीर है।"

हादसा उस समय हुआ जब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का जन्मोत्सव मनाने के लिए देशभर से श्रद्धालु एकत्र हुए थे। तीन दिवसीय बालाजी दरबार (1 से 3 जुलाई) के आयोजन के लिए धाम को भव्य रूप से सजाया गया था। धीरेन्द्र शास्त्री हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे हैं और 1 से 12 जुलाई तक बागेश्वर धाम में आयोजित 12 दिवसीय महोत्सव में शामिल हो रहे हैं।

धाम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे हैं, जिनमें कई लोग विदेशों से भी पहुंचे हैं। हादसे के बाद आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था और पंडाल की मजबूती को लेकर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं।

हादसे के चलते बागेश्वर धाम परिसर में शोक की लहर है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और सावधानीपूर्वक दर्शन करने की अपील की है।

 

इस हादसे ने आयोजन की तैयारियों पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं, खासकर जब भारी बारिश की संभावना पहले से मौसम विभाग द्वारा जताई गई थी। ऐसी घटनाओं से भविष्य के आयोजनों में सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया है।