स्टेट डेस्क , रानी कुमारी |
पटना । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा है कि बिहार का खजाना खाली नहीं है, बल्कि राज्य विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से आर्थिक रूप से लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने विपक्ष द्वारा बिहार की आर्थिक स्थिति को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया।
संजय सरावगी ने रविवार को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार के विकास का रोडमैप पूरी तरह स्पष्ट है और राज्य आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि राज्य का आर्थिक प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वर्तमान कीमतों पर 13.1 प्रतिशत की दर से बढ़कर 9 लाख 91 हजार 997 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर वृद्धि दर 9.8 प्रतिशत दर्ज की गई। सरावगी ने कहा कि स्थिर कीमतों पर भी बिहार ने 8.6 प्रतिशत की मजबूत आर्थिक वृद्धि हासिल की है, जो राज्य की मजबूत अर्थव्यवस्था का प्रमाण है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2025-26 में बिहार का जीएसडीपी 10.97 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। यह आंकड़ा राज्य में बढ़ते निवेश, आधारभूत संरचना विकास और रोजगार सृजन की दिशा में हो रहे कार्यों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का लाभ गांव से लेकर शहर तक हर वर्ग को मिल रहा है।
सरावगी ने कहा कि राज्य सरकार कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में लगातार निवेश कर रही है। इसके सकारात्मक परिणाम आर्थिक वृद्धि और विकास के रूप में सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार आज आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य के खजाने को खाली बताने का दावा पूरी तरह निराधार है। विपक्ष जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है, जबकि वास्तविक आंकड़े बिहार की आर्थिक मजबूती और विकास की गति को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार आने वाले वर्षों में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।







