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बिहार के 21जेलों में 44 आवासीय भवनों का होगा निर्माण, 88.89 करोड़ रुपए होंगे खर्च: सम्राट चौधरी

स्टेट डेस्क, रानी कुमारी

पटना । बिहार सरकार ने राज्य की कारागार व्यवस्था को सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बताया कि राज्य की 21 जेलों में कुल 44 बी-टाइप (जी-3) आवासीय भवनों का निर्माण कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यह परियोजना मुख्य रूप से जेल प्रशासन में कार्यरत अधिकारियों और कर्मियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। 

उपमुख्यमंत्री के अनुसार, प्रत्येक आवासीय भवन के निर्माण पर लगभग 202.04 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस प्रकार कुल 44 भवनों के निर्माण के लिए 88 करोड़ 89 लाख 76 हजार रुपए की अनुमानित लागत निर्धारित की गई है। यह राशि राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत की गई है और इसे चरणबद्ध तरीके से खर्च किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि इस योजना का क्रियान्वयन वित्तीय वर्ष 2025-26 से प्रारंभ किया जाएगा।उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में 5034 कक्षपाल पद स्वीकृत हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मौजूदा और भविष्य की जरूरतों के अनुसार आवासीय ढांचे का विस्तार किया जा रहा है।

सम्राट चौधरी ने बताया कि मुजफ्फरपुर-02, पूर्णिया-03, मोतिहारी-04, आरा-02, भभुआ-02,बेतिया-01, सिवान-02, दरभंगा-02, मधुबनी-02, सीतामढ़ी-02, सुपौल-02, कटिहार-02, किशनगंज-02, सहरसा-02, बेगूसराय-02, जमुई-02, लखीसराय-02, मुंगेर-02, शेखपुरा-02, औरंगाबाद-02 और नवादा-02 सहित 21 काराओं में कुल 44 भवनों का निर्माण किया जाएगा।

श्री चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि इन आवासीय भवनों का निर्माण आधुनिक मानकों और आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा। इससे जेल कर्मियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर रहने का वातावरण मिलेगा, जिससे उनकी कार्यक्षमता और मनोबल में भी वृद्धि होगी।

सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार आएगा, बल्कि जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी और सुचारु हो सकेगी।